कोटा में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद जांच में नए तथ्य सामने आ रहे है। मामले में आरोपी ठग मो.अमजद (21) पाकिस्तान से संपर्क में था। जो बीटेक की बढ़ाई कर रहा है। सोशल मीडिया पर एक मैसेज के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया था। 5 प्रतिशत कमीशन के लालच में ठगी के गिरोह खड़ा कर लिया। पुलिस ने शातिर ठग को रिमांड अवधि खत्म होने के बाद दोबारा चार दिन के रिमांड पर लिया है। अमजद के पास से इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस बरामद किए है। साइबर थाना SHO सतीशचंद्र ने बताया- आरोपी पिछले तीन साल से भोपाल में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने एमपी के सागर जिले के एक कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई करना बताया है। उसके कॉलेज व एनरोलमेंट नंबर के बारें में छानबीन की जा रही है। मजदूरों को टारगेट किया SHO सतीशचंद्र ने बताया- आरोपी ने आसपास रहने वाले और काम करने वाले मजदूरों को टारगेट किया। आरोपी ने गिरोह के सदस्यों (दीपक, राहुल व विजय ) को एक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदलने 7 हजार रूपए देने का लालच दिया। उनके जरिए बैंक अकाउंट खुलवाए। फिर पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा ठगी की गई रकम को उन्ही अकाउंट में ट्रांसफर करवाता। मोहम्मद अमजद वॉट्सएप कॉल और चैट के जरिए पाकिस्तानी सरगना के संपर्क में रहता। पूछताछ में आरोपी ने 4 महीने से ये काम करना बताया है। लेकिन मोबाइल डाटा चेक पर सामने आया कि आरोपी 15 महीने से इस काम में लगा है। अकाउंट के साथ सिम राहुल, दीपक और विजय आरोपी अमजद को बैंक अकाउंट खुलवाकर उपलब्ध करवाते थे। आरोपी अकाउंट के साथ अकाउंट नंबर से जुड़ी सिम, एटीएम, बैंक पासबुक (पूरी किट) भी लेता था। फिर काम होने पर खाताधारक को वापस लौटा देता। जांच टीम को ऐसे 50 से ज्यादा अकाउंट के बारे में पता लगा है। इनके जरिए ठगी की रकम यूपीआई व कैश डिपॉजिट से ट्रांसफर करवाई गई। पाकिस्तानी हैंडलर भारत में ऑपरेटर कर रहा अकाउंट जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को पहले किराए के अकाउंट में ट्रांसफर करवाया जाता। फिर इन अकाउंट से एटीएम व यूपीआई के जरिए रकम निकाली जाती। इन रुपयों को पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर भारत में अलग अलग खातों में डलवाया जाता। शुरुआती जांच में पुलिस को भारत में ऑपरेटर हो रहे 5 अकाउंट का पता लगा है। इनमें ठगी की रकम निकालकर डलवाई गई है। खुद के भी 5 अकाउंट आरोपी ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में खुद के अकाउंट भी यूज करता था। उसके अलग अलग बैंक में 5 अकाउंट होने की जानकारी मिली है। पुलिस इन अकाउंट की डिटेल खंगाल रही है। शुरुआत जांच में आरोपी के अकाउंट में 10 लाख रूपए जमा होने की बात सामने आई है। 9 फोन यूज करता आरोपी से सबसे पहले भोपाल निवासी 80 साल के बुजुर्ग का अकाउंट यूज किया। जो उसके आसपास ही रहता था। इसके बदले आरोपी को कमीशन मिला। इसके बाद वो बेखौफ होकर काम करने लगा। आरोपी के पास से 9 महंगे मोबाइल बरामद किए गए हैं। इनमें 2 आईफोन है। एक एप्पल कंपनी का लैपटॉप, गूगल पे स्केनर, वाईफाई, 29 एटीएम कार्ड, 13 बैंक पासबुक, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म और 2 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़े- साइबर फ्रॉड गैंग के पाकिस्तान-दुबई से कनेक्शन:43 लाख की ठगी के 4 बदमाशों को पकड़ा, 29 ATM कार्ड, 13 बैंक पासबुक, मोबाइल-लैपटॉप समेत नकदी बरामद कोटा में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े मिले हैं। पुलिस ने साढ़े 43 लाख रुपए की साइबर ठगी के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 29 एटीएम कार्ड, 13 बैंक पासबुक और करीब 2 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। शुरुआती जांच खुलासा हुआ है कि बदमाश पाकिस्तानी सरगना के कहने पर खातों से ठगी की रकम दुबई में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाती थी, जिससे मामले में इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस बदमाशों से पूछताछ में जुट गई है। खबर पढ़े