कोटा में साइबर ठग को छोड़ने की एवज में पैसे लेने के मामले में सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने कार्रवाई की है। एसपी ने गुमानपुरा थाने के एसआई समेत 2 कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में एसआई देवकीनंदन, कांस्टेबल करतार सिंह और कांस्टेबल छोटूलाल गुर्जर शामिल हैं। इन तीनों का मुख्यालय झालावाड़ रखा गया है। जानकारी के अनुसार, गुमानपुरा थानाधिकारी महेश कारवाल इन दिनों छुट्टी पर हैं। उनके अवकाश पर रहने के दौरान थाने का चार्ज सेकंड ऑफिसर एसआई देवकीनंदन के पास था। एसआई देवकीनंदन का स्थानांतरण रानपुर थानाधिकारी के तौर पर हो चुका था और उन्हें 6 मई से रानपुर थाने का कार्यभार संभालना था। गुमानपुरा थाने में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई के बजाय पुलिस ने की डील सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि गुमानपुरा पुलिस ने किडनैपिंग की सूचना पर एक वाहन को रोका था, जिसमें संदिग्ध युवक फर्जी एटीएम कार्ड और साइबर फ्रॉड की सामग्री के साथ मिले। ये लोग 'म्यूल अकाउंट' के जरिए ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े थे। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी निभाने के बजाय आरोपियों को छोड़ने के लिए डेढ़ लाख रुपये का सौदा कर लिया। देर रात थाने पहुंचीं खुद सिटी एसपी सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया- पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की भनक लगते ही सिटी एसपी खुद शुक्रवार देर रात गुमानपुरा थाने पहुंचीं और जांच शुरू की। जानकारी में सामने आया कि एसआई देवकीनंदन, कांस्टेबल छोटूलाल और करतार सिंह ने सौदा की गई रकम में से 75 हजार रुपये ले लिए थे और बाकी की राशि का इंतजार कर रहे थे। इस गंभीर भ्रष्टाचार और मुकदमा दर्ज करने में देरी के चलते एसपी ने तीनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर उनका मुख्यालय झालावाड़ कर दिया। मामले की उच्च स्तरीय जांच अंडर ट्रेनिंग आईपीएस सिद्धार्थ कुमार को सौंपी गई है। तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया- थाने में भ्रष्टाचार के साथ-साथ अनुशासनहीनता के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की गई। शराब पीकर किसी व्यक्ति से झगड़ा करने की गोपनीय शिकायत मिलने पर एसपी ने एएसआई ऋषिपाल, हीरालाल और जुगल को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। एसपी (जिनके पास वर्तमान में कोटा रेंज आईजी का अतिरिक्त चार्ज भी है) ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अभद्र व्यवहार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि गुमानपुरा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि युवक को किडनैप कर ले जाया जा रहा है। पुलिस ने जब संबंधित वाहन को रोका और युवकों की जांच की तो उनके पास फर्जी एटीएम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली। इनमें से एक युवक बैंक खातों के जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया कि ये लोग म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी करते हैं। पुलिस ने युवकों को थाने में बैठाया। एसपी ने बताया कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने पैसों का लेनदेन किया और मामला भी देरी से दर्ज किया। शुक्रवार देर रात तक सिटी एसपी खुद गुमानपुरा थाने में मौजूद रहीं और पूरे मामले की जानकारी ली। जानकारी में आया कि एसआई देवकीनंदन, कांस्टेबल छोटूलाल गुर्जर और करतार सिंह ने उन युवकों को छोड़ने के लिए डेढ़ लाख रुपए की डील की। इसमें से 75 हजार रुपए ले लिए थे, जबकि बाकी 75 हजार रुपए लेने थे। तीनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। तीनों का मुख्यालय झालावाड़ रखा गया है। एसपी ने बताया कि वर्तमान में कोटा रेंज आईजी का अतिरिक्त चार्ज भी उनके पास है। जयपुर पुलिस मुख्यालय से चर्चा के बाद निलंबन आदेश जारी किए गए। पूरे मामले की जांच अंडर ट्रेनिंग आईपीएस सिद्धार्थ कुमार श्रीवास्तव को सौंपी गई है। शराब पीकर झगड़े, तीन लाइन हाजिर वहीं अनुशासनहीनता करने के मामले में गुमानपुरा थाने के तीन अन्य पुलिसकर्मियों (एएसआई ऋषिपाल, हीरालाल और जुगल) को लाइन हाजिर किया गया है। एसपी ने बताया कि इनकी गोपनीय शिकायत मिली थी। आरोप है कि ये तीनों शराब पीकर किसी व्यक्ति से झगड़ गए थे। शिकायत सही पाए जाने पर इन्हें लाइन हाजिर किया गया।