कोटा में 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला के तहत गुरुवार को शहर में भव्य राम बारात शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में राजसी वैभव, लोक कलाओं और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। राम बारात के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख मार्गों को केसरिया पताकाओं, आकर्षक झालरों और बंदनवार से सजाया गया था। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए। पूरा मार्ग राममय नजर आया। शोभायात्रा से पहले गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। राजसी वेशभूषा में सैनिक शोभायात्रा में राजसी वेशभूषा में घुड़सवार और पैदल सैनिकों की टुकड़ियां हाथों में भाले और सिर पर शाही पगड़ी धारण कर शामिल हुए।इनके आगे सेवक सूर्य ध्वज लेकर चल रहे थे। पुलिस बैंड और मशक बैंड की स्वर लहरियां शोभायात्रा को विशेष आकर्षण दिया। राम दरबार की सवारी आकर्षण शोभायात्रा में घोड़ा-बग्गी, हाथी और ऊंटगाड़ी शामिल रहे। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न बग्गी में सवार थे। वहीं राजा दशरथ, मंत्री सुमंत, ऋषि विश्वामित्र और वशिष्ठ की सवारी भी शोभायात्रा का हिस्सा बने। घूमर से गतका तक लोक संस्कृति राम बारात में महिला और पुरुष कलाकार घूमर नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके साथ झालावाड़ का प्रसिद्ध बिंदोरी नृत्य, कच्छी घोड़ी, पंजाबी भांगड़ा और कजरी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। डांडिया मंडलियों के साथ ढोल-ताशे, नगाड़े और शहनाई की गूंज से माहौल उत्सवी बना। राष्ट्रीय स्तर के 40 वादकों का दल और स्थानीय बैंड दल भी शोभायात्रा में शामिल हुए। महिलाओं ने मंगल गीत गाए।