कोटा में नहर परियोजना में गुणवत्ता को लेकर ऊर्जा मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खुद टाइल हटवाकर काम की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल मानकों के अनुरूप कार्य होने पर ही भुगतान किया जाए। शनिवार को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सांगोद विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। जहां उन्होंने हरिश्चंद्र सागर परियोजना के तहत चल रहे नहरों के सेकेंड फेज के मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। मंत्री नागर ने नहरों पर चल रहे निर्माण कार्य से टाइल हटवाकर निर्माण सामग्री की भी जांच की। अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काम में अनियमितता मिली तो होगी कार्रवाई उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फर्म द्वारा किए जा रहे कार्यों की बारीकी से जांच की जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही भुगतान किया जाए। राजस्थान सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। निर्माण में कोई अनियमितता पाई गई तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटिया निर्माण होने पर उसे तुड़वाकर दोबारा बनवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह फर्म पूर्व में आलनिया डैम परियोजना में भी कार्यरत थी, जहां घटिया निर्माण के कारण इसे हटाया गया था। हरिश्चंद्र सागर परियोजना के पुराने अस्थाई डैम पर भी पहुंचे मंत्री मंत्री नागर समद खेड़ी और बिशन खेड़ी के मंदिरों में दर्शन के बाद हरिश्चंद्र सागर परियोजना के पुराने अस्थाई डैम पर भी पहुंचे। ग्रामीणों और अधिकारियों से जानकारी लेते हुए उन्होंने पाया कि चूने से बने इस पुराने डैम पर गेट नहीं होने के कारण पानी का ठहराव नहीं हो पा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों के साथ जल वितरण की कार्ययोजना पर की चर्चा इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पानी को लिफ्ट करके नहरों में भेजने की योजना पर काम करने की जरूरत जताई। उन्होंने सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ आगामी सीजन के लिए जल वितरण की कार्ययोजना पर चर्चा की, ताकि किसानों को सिंचाई के दौरान समस्याओं का सामना न करना पड़े।