कोटा में गवर्नमेंट कॉलेज परिसर में खंडित हुई स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की अब तक दोबारा स्थापना नहीं होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द नई प्रतिमा स्थापित नहीं करता है तो वे स्वयं इसके लिए आगे आएंगे। उनका कहना है कि स्वामी विवेकानंद जैसे महान विचारक की प्रतिमा लंबे समय तक खंडित अवस्था में रहना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे लेकर संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। दरअसल, कोटा के गवर्नमेंट कॉलेज में युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पिछले कुछ दिनों से खंडित अवस्था में पड़ी हुई है। इस मुद्दे को लेकर कॉलेज प्रशासन, जिला प्रशासन और कोटा विकास प्राधिकरण के रवैये को लेकर एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। स्वामी विवेकानंद की मूर्ति खंडित होने के बाद भी नहीं उठाया कदम जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के अध्यक्ष दीपक नामदेव ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रतिमा खंडित हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इसके पुनर्निर्माण या पुनर्स्थापना को लेकर अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। महापुरुष की प्रतिमा की हालत पर युवाओं में नाराजगी दीपक नामदेव ने बताया कि इतने बड़े महापुरुष की प्रतिमा का इस हालत में होना आम जनता और युवाओं की भावनाओं को लगातार आहत कर रहा है। यह पूरे शहर के लिए एक संवेदनशील मामला है। जिला प्रशासन, कॉलेज प्रबंधन और केडीए इस मामले में पूरी तरह असमर्थ और उदासीन नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस संबध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मांग की है, कि प्रशासन इस काम को कराने में सक्षम नहीं है, तो एनएसयूआई और कांग्रेस कमेटी मिलकर अपने स्तर पर इस प्रतिमा का पुनर्निर्माण कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि पिछले दिनों स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा खंडित हो गई थी। इस पर NSUI ने ABVP कार्यकर्ताओं पर मूर्ति को खंडित करने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने भी हो गए थे।