कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 9 दिन में तीन प्रसूताओं की मौत हो गई। जेके लोन हॉस्पिटल में शुक्रवार (23 अक्टूबर) को छबड़ा (बारां) निवासी शबनम बानो (26) का ऑपरेशन हुआ था। ड्रिप चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी थी। डिलीवरी के बाद उसका ब्लड प्रेशर लो (कम) हो गया था। शनिवार रात 10 बजे शबनम ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने डॉक्टर्स समेत हॉस्पिटल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इससे पहले कोटा के ही न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 16 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद किडनी फेल होने से रेशमा (40) की मौत हो गई थी। इसके एक दिन बाद 17 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने से रोशन बैरवा ने दम तोड़ दिया था। परिजन का आरोप- ड्रिप चढ़ाने के बाद बिगड़ी तबीयत शबनम (मृतक) के भाई सरफराज ने बताया कि 22 अक्टूबर को बारां के सरकारी अस्पताल में शबनम को भर्ती कराया था। शबनम की डिलीवरी होनी थी। डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को ऑपरेशन करने की कहकर रात से ही खाना-पीना बंद करवा दिया था। 23 अक्टूबर को करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद ऑपरेशन नहीं किया। उसे सही इलाज भी नहीं मिला। शबनम को कमजोरी महसूस होने लगी। सरफराज ने बताया कि बारां के हॉस्पिटल में 23 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे शबनम को आरएल 500 ड्रिप चढ़ाई गई। ड्रिप चढ़ाने के कुछ ही देर में उसे दौरे पड़ने शुरू हो गए। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। 23 अक्टूबर को परिजन शबनम को कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल लेकर आए। रात करीब 11:30 बजे सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए उसने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के दौरान शबनम का ब्लड प्रेशर कम हो गया था। ब्लड प्रेशर ज्यादा लो (कम) होने के कारण उसकी मौत हो गई। बारां के हॉस्पिटल में पड़ने लगे थे दौरे जेके लोन हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. निर्मला ने कहा कि महिला को बारां अस्पताल में ही दौरे पड़ने लग गए थे। वहां ऑपरेशन करने के लिए दो दिन से भर्ती किया गया था, लेकिन वहां नहीं हो पाया। महिला को 23 अक्टूबर की रात को कोमा की हालत में जेके लोन हॉस्पिटल लाया गया था। परिजनों को पूरी स्थिति बताकर बच्चे को बचाने का निर्णय लिया गया था। मई में 5 प्रसूताओं की हुई थी मौत कोटा में इससे पहले 5 मई 2026 को सीजेरियन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई थी। इसके बाद पायल, ज्योति, पिंकी, प्रिया और शिरीन की मौत हो गई थी। रागिनी, धन्नी, सुशीला, चंद्रकला, किरण, पिंकी और आरती को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी। … ये खबर भी पढ़िए… ड्रिप चढ़ाने के बाद नीला पड़ने लगा शरीर:सीजेरियन के बाद महिला की मौत का मामला, परिजन बोले, स्टाफ ने कहा हमारी जिम्मेदारी नहीं कोटा के मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन के बाद एक बार फिर महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। (पढ़िए पूरी खबर) कोटा में 24 घंटे में एक और प्रसूता की मौत:सीजेरियन डिलीवरी के बाद 11 घंटे होती रही ब्लीडिंग, डॉक्टर बोले-हाई रिस्क पेशेंट थी कोटा में 24 घंटे में एक और प्रसूता की मौत हो गई। रोशन बैरवा की 16 अक्टूबर की रात 12 बजे न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद 11 घंटे तक ब्लीडिंग नहीं रुकी। (पढ़िए पूरी खबर)