कोटा एसीबी कोर्ट ने बिजली विभाग के JEN को 3 साल जेल की सजा सुनाई है। 16 साल पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामले के अनुसार- जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (खंड ए 4 कोटा ) के तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता (JEN)अनिल कुमार गुप्ता को ACB टीम ने बिजली का मीटर बदलने और कनेक्शन चालू करने की एवज में 5 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप किया था। 21 हजार की पेनल्टी माफ करने की बात कहकर मांगी थी रिश्वत सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया कि परिवादी डॉ. ज्ञानचंद जैन ने 21 अप्रैल 2010 को एसीबी में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उनका लालबुर्ज रोड, कैथूनीपोल पर जैन चिल्ड्रन के नाम से क्लीनिक है। 19 अप्रैल को कनिष्ठ अभियंता अनिल कुमार, दो कर्मचारियों के साथ क्लीनिक पर आए थे। मीटर में गड़बड़ी किए जाने और धीरे चलने की बात कहकर मीटर खोलकर ले गए थे। इस संबंध में बिजली विभाग के ऑफिस जाकर कनिष्ठ अभियंता से मिला था। उन्होंने पहले 21 हजार की पेनल्टी जमा करने की बात कही थी। मना करने पर 10 हजार 500 की रिश्वत मांगी और कहा था कि पैसे देने पर पेनल्टी जमा नहीं करवानी पड़ेगी। इसके बाद 5 हजार की रिश्वत लेने को राजी हुए थे। कोर्ट में हुए 22 गवाहों के बयान ACB ने शिकायत का सत्यापन कर 22 अप्रैल 2010 को ट्रैप की कार्रवाई की और रिश्वत लेते जेईएन को पकड़ा। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 22 गवाहों के बयान करवाए। अब 16 साल बाद मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को सजा सुनाई।