कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने रिकवरी शुरू कर दी है। लंबे समय से किश्तें दबाकर बैठे बकाएदारों और बकाए राजस्व को वसूलने के लिए डिफॉल्ट एवं रिकवरी ट्रैकर प्रणाली के जरीये एक्शन लेना शुरू किया है। आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने बताया- कुछ ही दिनों के अंदर 50 लाख रुपए की बकाया राशि वसूल कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। केडीए ने साल 2025 में परिवहन यातायात सलाहकार योजना के तहत 130 दुकानों का आवंटन किया था, जिसमें प्रति दुकान 3.20 लाख रुपए की कीमत तय की गई थी। 45 हजार रुपए की छह किस्तों को जमा नहीं करवाया आवंटियों ने 50 हजार रुपये की एडवांस जमा कराकर दुकानें तो अपने नाम करा लीं। लेकिन इसके बाद 45-45 हजार रुपए की छह किस्तों को जमा नहीं करवाया। फरवरी 2025 तक योजना के तहत कुल 4.16 करोड़ रुपये का बकाया चढ़ चुका था, जिसके एवज में मात्र 1.29 करोड़ रुपये ही जमा हुए थे। किश्तें न चुकाने पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज और पेनल्टी लगातार जुड़ती जा रही थी। सितंबर 2026 के आखिरी सप्ताह में डिजिटल नोटिस जारी करना शुरू किया गया। इसके बाद बकायेदारों ने रूपए जमा करवाना शुरू कर दिया। इसमें अब तक 50 लाख रूपए जमा हो चुके हैं। प्राधिकरण ने अब शहर की 7 प्रमुख योजनाओं पर एक साथ डिजिटल शिकंजा कस दिया है। इनमें उम्मेदपुरा अफोर्डेबल हाउसिंग योजना, न्यू मोटर मार्केट कमर्शियल योजना (मल्टीमेटल के सामने), भदाना ब्लॉक-A एवं ब्लॉक-B आवासीय पुनर्वास योजना, रंग तालाब उर्फ काला तालाब योजना, कोटा परिवहन यातायात सलाहकार योजना और देवनारायण पशुपालक योजना शामिल हैं। अब इन सभी योजनाओं के हर एक आवंटी का पूरा किश्तों का हिसाब-किताब एक ही क्लिक पर उपलब्ध रहेगा, जिससे अधिकारियों के लिए मॉनिटरिंग और फॉलो-अप करना बेहद आसान हो गया है। प्राधिकरण जल्द ही इसी पोर्टल पर ऑनलाइन भुगतान का विकल्प भी शुरू करने जा रहा है। जिससे आवंटी अपनी बकाया राशि और ईएमआई देख सकते हैं।