कोटा में निजी बिजली कंपनी KEDL के कर्मचारियों की ओर से लोक अभियोजक (सरकार की तरफ से लगाए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर PP ) रितेश मेवाड़ा के साथ धक्का-मुक्की का मामला बढ़ता जा रहा हैं। थाने में दर्ज FIR में राजकार्य में बाधा की धारा जोड़ने करने की मांग को लेकर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल एसपी को ज्ञापन दिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। घर में घुसकर धक्का-मुक्की का आरोप लोक अभियोजक मनोज पुरी ने बताया कि निजी बिजली कंपनी KEDL ने कोटा में गुंडागर्दी मचा रखी हैं। हाल में रविवार को KEDL की टीम गुमानपुरा स्थित कोटड़ी इलाके में गईं थी। KEDL की टीम जबरदस्ती वकील रितेश मेवाड़ा के घर में घुस गईं। रितेश सरकारी काम (ब्रीफ बना रहे थे) कर रहे थे। बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने वकील की ब्रीफ फाड़ दी। वकील और उनके नाबालिग बेटे के साथ धक्का-मुक्की की थी। वकील ने जब इसकी शिकायत गुमानपुरा थाने में दी, तो पुलिस ने सामान्य धारा में मामला दर्ज किया। जबकि निजी बिजली कंपनी के लोगों ने वकील के हाथ से सरकारी दस्तावेज फाडे़ थे। आज एडिशनल एसपी को ज्ञापन देकर मामले में राजकार्य में बाधा डालने की धारा जोड़ने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। एडवोकेट रितेश मेवाड़ा ने बताया कि उनका कोटड़ी में मकान के नीचे ही ऑफिस बना रखा है। एक महीने पहले केडीएल के कर्मचारी व रिटायर्ड ASI (पुलिसकर्मी) हामिद मेरे मकान में आए और मुझे धमकाया था। कहा था कि तुमने बिजली का कॉमर्शियल कनेक्शन क्यों नहीं ले रखा? उन्होंने वीसीआर भरने की धमकी दी। इसके बाद 12 अप्रैल को फिर से आए। आते ही मेरे ऑफिस में घुस गए और मुझे धमकाया। मेरे हाथ से कागज छीन लिए। उस समय मैं ब्रीफ बना रहा था। उन्होंने वह भी फाड़ दी। फिर वह लोग बाहर निकलकर आ गए। जैसे में बाहर आया तो KEDL के कर्मचारियों ने मेरे साथ और मेरे नाबालिग बेटे के साथ धक्का-मुक्की व गाली-गलौज की। इसकी शिकायत जब थाने में दी तो पुलिस ने मामूली धारा में मामला दर्ज किया। जबकि मैं एससी एसटी कोर्ट में विशिष्ट लोक अभियोजक हूं और घटना के वक्त सरकारी काम कर रहा था।