कोटा शहर की बोरखेड़ा थाना पुलिस ने जमीन के नाम पर 58 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले एक जमीन का सौदा कर परिवादी से 58 लाख रुपये ले लिए, लेकिन बाद में उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 25 मई 2026 को बजरंग नगर निवासी और एक संस्थान के संचालक मुकेश कुमार जैन ने बोरखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चंद्रेसल स्थित कृषि भूमि को बेचने के नाम पर निर्मल कुमार और सुरेश कुमार ने 90 लाख रुपये में सौदा तय किया। इकरारनामे के समय 50 लाख रुपये और अन्य आवश्यकताओं का हवाला देकर 8 लाख रुपये अतिरिक्त ले लिए। इस तरह कुल 58 लाख रुपये प्राप्त करने के बाद भी आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वही जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी। जब परिवादी ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने रकम लौटाने और दूसरी जमीन देने का आश्वासन दिया, लेकिन न तो पैसे लौटाए और न ही वादा पूरा किया। आरोप है कि उन्होंने परिवादी की दूसरी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया और जान-माल की धमकियां भी दीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी अनिल कुमार टेलर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। दस्तावेजों की जांच और साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने 3 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 4 जुलाई को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।