कोटा में गुरुवार को सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले किसान ने घर से 200 मीटर दूर स्थित बाड़े में जाकर फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। किशनलाल (49) निमोदा हरिजी गांव का रहने वाला था। फिलहाल सुसाइड के कारण सामने नहीं आए हैं। परिजनों के मुताबिक, किसान पिछले 15 सालों से मानसिक बीमारी से पीड़ित था, जिसका इलाज चल रहा था। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। घटना दीगोद थाना क्षेत्र के निमोदा हरिजी गांव में सुबह करीब 6 बजे की है, जहां सूचना मिलते ही तुरंत परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने किसान को फंदे से नीचे उतारा और तुरंत ही आनन-फानन में कोटा न्यू मेडिकल हॉस्पिटल पहुंच गए, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद दीगोद थाना पुलिस अस्पताल पहुंची, जहां उन्होंने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल मामले की जांच में पुलिस जुट गई है। सुबह साढ़े 5 बजे घर से मॉर्निंग वॉक पर निकले थे किशनलाल दीगोद थाना ASI शंकर लाल ने बताया कि मृतक के बड़े भाई सीताराम के मुताबिक, किशन लाल के दोनों बेटे जयपुर रहते हैं। गांव के घर में वे अपनी पत्नी के साथ रहते थे। किशन पिछले 15 साल से मानसिक बीमारी से पीड़ित था। जिसका इलाज चल रहा था। किशन गुरुवार सुबह साढ़े 5 बजे घर से टहलने निकला था। एक घंटे बाद ही गांव के किसी व्यक्ति ने किशन के बाड़े में फांसी पर लटके होने की बात बताई। सूचना पर मौके पर गए। देखा तो किशन, बाड़े में चद्दर की एंगल से गमछे से फांसी पर लटका हुआ था। उसे नीचे उतारकर तुरंत हॉस्पिटल लाए। ASI शंकर लाल ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने किशन लाल की मौत पर कोई शक नहीं जताया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।