कोटा मेडिकल कॉलेज कैंपस स्थित नए अस्पताल में इमरजेंसी चिकित्सा सेवा को और मजबूत करने के लिए लंबे समय से बंद पड़े 10 बेड के वार्ड को फिर से शुरू कर दिया गया। इस पहल से अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था में सुधार होने के साथ ही मरीजों को अधिक सुव्यवस्थित और तुरंत इलाज मिल सकेगा। अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अब मेडिसिन इमरजेंसी और सर्जिकल इमरजेंसी के लिए अलग-अलग वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इससे मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार तुरंत और सटीक इलाज मिल सकेगा। साथ ही डॉक्टरों और स्टाफ के कामों में भी स्पष्टता आएगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित और तेज होगी। वार्ड को स्टाफ की कमी के चलते अस्थायी रूप से करना पड़ा था बंद अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में स्टाफ की कमी के चलते इस वार्ड को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। हालांकि, वर्तमान में स्टाफ की उपलब्धता बढ़ने और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से इसे फिर से शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अलग-अलग वार्ड में मरीजों की भर्ती और आवश्यकतानुसार स्टाफ की तैनाती से इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा। गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को अब बिना देरी के उचित चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, जिससे जान बचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं का विस्तार समय की मांग थी, जिससे अब मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और एक ही स्थान पर बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।