मेडिकल कॉलेज कोटा के डॉक्टरों ने 15 साल से बढ़ रहे करीब 3 किलो वजनी ट्यूमर को मरीज के सीने से निकाल दिया। खास बात यह रही कि मरीज पिछले 8 वर्षों से लकवाग्रस्त था। हाल ही में ट्यूमर से लगातार खून बहने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई थी। डॉ. हर्ष जांगिड ने बताया- 60 साल के मरीज को परिजन सात दिन पहले कैंसर विभाग में लाए थे। इस दौरान मरीज के सीने से खून निकल रहा था जो कि उसके टयूमर से निकल रहा था। शुरूआत में उसे टांके लगाकर खून को रोका गया। लकवे की वजह से मरीज पहले ऑपरेट नहीं करवा सका था। डॉक्टरों ने तुरंत स्थिति का आकलन कर सर्जरी का निर्णय लिया। डॉक्टरों के अनुसार ऑपरेशन से पहले मरीज को स्थिर करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके लिए उसे 3 यूनिट पीआरबीसी ब्लड़ चढ़ाया गया, जिससे हीमोग्लोबिन का स्तर सुधारा जा सके। ट्यूमर का बड़ा आकार टीम के लिए चुनौती बना रहा डॉ. हर्ष जांगिड ने बताया- सर्जरी के दौरान ट्यूमर का बड़ा आकार टीम के लिए चुनौती बना रहा। ट्यूमर हटाने के बाद शरीर के उस हिस्से को सामान्य तरीके से बंद करना संभव नहीं था। क्योंकि इतने बडे टयूमर को हटाने के दौरान स्कीन भी जाती है। इस स्थिति को देखते हुए पहले से ही प्लास्टिक सर्जन को टीम में शामिल किया गया, जिन्होंने रिकंस्ट्रक्टिव क्लोजर के माध्यम से घाव को सफलतापूर्वक बंद किया। इस जटिल ऑपरेशन में सर्जन टीम के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी सर्जरी के दौरान लकवाग्रस्त मरीज को स्थिर बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे टीम ने सफलतापूर्वक निभाया। फिलहाल मरीज खतरे से बाहर है और तेजी से रिकवर कर रहा है। 10 अप्रैल से सीनियर सिटीजन क्लिनिक में बढ़ेंगी सुविधाएं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा सेवाओं का दायरा 10 अप्रैल से बढ़ाया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत बुजुर्ग मरीजों को अब एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञों की समन्वित सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे इलाज आसान और प्रभावी होगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार अब तक वरिष्ठ नागरिक विभाग में मुख्य रूप से मेडिसिन विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन अब इसमें ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) और गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग) विभाग को भी जोड़ा गया है। इससे बुजुर्ग मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई व्यवस्था के अनुसार हड्डी रोग विशेषज्ञ सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उपलब्ध रहेंगे। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ मंगलवार और शनिवार को सेवाएं देंगे। इससे मरीजों को निर्धारित दिनों में संबंधित डॉक्टरों से परामर्श मिल सकेगा।