कोटा की गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर के छात्रों के साथ रैगिंग और उत्पीड़न की गंभीर शिकायतों के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कॉलेज प्रबंधन से जवाब मांगा है। एक बिना नाम के शिकायत ऑनलाइन एनएमसी में की गई थी। जिसके बाद एनएमसी ने मेडिकल कॉलेज कोटा प्राचार्य से जवाब मांगा था, जिसका जवाब दे दिया गया है। एनएमसी को भेजी गई शिकायत के अनुसार, सेकेंड ईयर के कुछ सीनियर छात्रों ने बातचीत के बहाने नए छात्रों को अपमानजनक और अश्लील कृत्यों के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, उन्हें परीक्षाओं में फेल करने की धमकियां भी दी गईं। हालांकि कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच की गई, लेकिन रैगिंग से जुड़े तथ्य सामने नहीं आए। शिकायत के बाद NMC से मांगी गई थी रिपोर्ट शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि इन घटनाओं में कॉलेज के कुछ फैकल्टी सदस्य भी शामिल हो सकते है। इस शिकायत में किसी का नाम नहीं था। प्राचार्य डॉ.नीलेश जैन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस महीने की शुरूआत में अज्ञात नाम से शिकायत की गई थी। जिसके बाद हमारे पास एनएमसी से रिपोर्ट मांगी गई थी। 10 अक्टूबर को जवाब भी दे दिया गया है। दरअसल, गोपनीय शिकायत में कहा गया था कि जो स्टूडेंटस बाहर फ्लैट में रह रहे हैं, उनके फ्लैट पर सीनियर आते हैं और उन्हें धमकाते है। इसके साथ ही अश्लील हरकतें करवाते है। कॉलेज परिसर में भी दबाव बनाया जाता है। कॉलेज प्रशासन से पूछे गए थे यह सवाल क्या इस मामले में कोई जांच शुरू की गई है ? परिसर के अंदर और बाहर किराए के फ्लैटों में हुई घटनाओं में शामिल छात्रों को चिह्नित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अकादमिक रूप से फेल करने की धमकी और शिक्षकों की कथित संलिप्तता की जांच में क्या रहा। क्या कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी और एंटी-रैगिंग स्क्वाड ने शिकायत की जांच की है। छात्रों को किसी भी प्रकार की धमकी, उत्पीड़न या प्रतिशोध से बचाने के लिए तुरंत क्या कदम उठाए गए हैं। प्राचार्य बोले- जांच में नहीं आया कुछ सामने प्राचार्य डॉ.नीलेश जैन ने बताया कि मामले में शिकायत मिलने के बाद हमारी तरफ से जांच की गई थी। शिकायत में कॉलेज परिसर के बाहर घटनाओं का जिक्र किया गया था। हमने उसके आधार पर भी जांच करवाई, लेकिन ऐसी कोई बात ही निकलकर सामने नहीं आई। शिकायत में किसी का नाम भी नहीं था। हमारी तरफ से जवाब दे दिया गया था।