कोटा में सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर रेप करने के मामले में पॉस्को कोर्ट (1) ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 45 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश ने डॉ. रेणु श्रीवास्तव ने फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार, शादी के लिए झूठ बोलकर आरोपी पीड़िता को अपने साथ ले गया, तीन दिन तक अपने पास रखा और रेप की घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। सोशल मीडिया के जरिए मैसेज पर करती थी बात विशिष्ट लोक अभियोजक सीताराम मुराडिया ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 1 अगस्त 2025 को कोटा के एक थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी पांचवी कक्षा तक पढ़ी लिखी है। वो मोबाइल में सोशल मीडिया चलाती है। वह 32 साल के एक युवक के साथ सोशल मीडिया के जरिए मैसेज पर बात करती थी। युवक शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ ले गया। नाबालिग बेटी को तीन दिन साथ रखा। कोर्ट में 14 गवाह के करवाए बयान और 29 दस्तावेज किए पेश मुराडिया ने बताया कि परिजनों कि शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता को दस्तयाब कर आरोपी को 8 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 14 गवाह के बयान करवाए और 29 दस्तावेज पेश किए।