कोटा में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण सोयाबीन, उड़द, मूंग और तिल जैसी खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, इधर एंट्री के 8 दिन बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। तापमान फिर से बढ़ने लगा है। आज आसमान साफ है। हल्की धूप खिली हुई है। हल्की हवाएं चल रही है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25. 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में 9 जुलाई तक 7% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 9 जुलाई तक औसत 153.4 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 142.7 मिमी बारिश हुई है। खरीफ की फसलों की बुआई पर बारिश का असर इस सीजन में बूंदाबांदी के अलावा ठीक बारिश नहीं होने से खेतों में नमी नहीं बन पाई है। जिसका सीधा असर खरीफ की फसलों की बुआई पर पड़ रहा है। खेत तैयार होने के बावजूद किसान बीज नहीं डाल पा रहे हैं। आमतौर पर जून के आखिरी सप्ताह तक क्षेत्र में अच्छी बारिश होने पर किस सोयाबीन, उड़द, मूंग, तिल जैसी खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर देते हैं। मानसून पड़ा कमजोर, तापमान में होगी बढ़ोतरी राज्य में मानसून की बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। 11 जुलाई से मानसून के कमजोर फेज की शुरुआत होगी। यह ब्रेक एक हफ्ते का रह सकता है। इस दौरान तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।