कोटा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस बरकरार है। पार्टी की गुटबाजी और क्षेत्रीय समीकरणों के चलते चयन की प्रक्रिया उलझी हुई है। फिलहाल तीन नामों आईना महक, अनुराग गौतम और सोनू कुरैशी के नाम पर चर्चा तेज है, लेकिन आपसी खींचतान के कारण अंतिम फैसला होने में देरी के आसार हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व किस नाम पर सहमति बना पाता है। दरअसल, कोटा में पार्षदों और स्थानीय नेताओं के बीच खींचतान और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कवायद के चलते कांग्रेस आलाकमान की तरफ से अब तक किसी भी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है। राजनीतिक हलकों में जारी सुगबुगाहट के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है और इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सौंपने में अभी कुछ और समय लग सकता है। विधानसभा वार शुरू हुई लामबंदी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पाने के लिए नगर निगम के तीनों प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों लाड़पुरा, कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण से दावेदारों के नाम तेजी से सामने आ रहे हैं। तीनों क्षेत्रों के वरिष्ठ नेता अपने-अपने क्षेत्र के पार्षदों और गुट के समर्थकों को इस पद पर काबिज कराने की पुरजोर कोशिश में जुटे हैं। लाड़पुरा विधानसभा क्षेत्र से आने वाली आइना महक पार्षद होने के साथ-साथ पूर्व चेयरमैन भी रह चुकी हैं। प्रशासनिक अनुभव के चलते लाड़पुरा क्षेत्र के नेता उनके नाम को मजबूती के साथ रख रहे हैं। इधर, कोटा उत्तर से पूर्व डिप्टी मेयर सोनू कुरैशी का नाम भी चर्चा में है। सोनू कुरैशी को शांति धारीवाल गुट का बेहद करीबी माना जाता है, जिससे कोटा उत्तर में उनकी दावेदारी को वजन मिल रहा है। वहीं कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से अनुराग का नाम भी चर्चाओं की दौड़ में शामिल है। अनुराग कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम गुट के हैं। आलाकमान के लिए क्षेत्रीय संतुलन और गुटबाजी साधना बनी चुनौती कोटा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का चयन केवल एक पद का बंटवारा नहीं, बल्कि तीनों विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं की साख का सवाल बन चुका है। विधानसभा वार अलग-अलग गुटों द्वारा अपने पसंदीदा चेहरों की पैरवी किए जाने से कांग्रेस संगठन के सामने सहमति बनाना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। फिलहाल आलाकमान की ओर से कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिए गए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी सभी राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को तौलने के बाद ही अंतिम फैसला लेगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम का कहना है कि जो भी आलाकमान तय करेगा, उस नाम पर मुहर लगेगी।