कोटा नगर निगम चुनाव में इस साल 8 लाख 24 हजार 991 वोटर वोट देंगे। साल 2020 के चुनाव के समय कोटा में दो नगर निगम थे। दोनों में 6 लाख 72 हजार 484 वोटर थे। सवा पांच साल में 1 लाख 51 हजार 643 बोटर बढ़े हैं। निर्वाचन विभाग ने बुधवार को कोटा नगर निगम और सांगोद, सुकेत व सुल्तानपुर नगर पालिका चुनाव के लिए फाइल वोटर लिस्ट जारी कर दी। कोटा के शहरी क्षेत्र में मतदाता बढ़ने की वजह आबादी विस्तार के साथ कैथून नगर पालिका का नगरीय सीमा में शामिल होना है।. जहां करीब 30 हजार मतदाता पंजीकृत थे। एडीएम (प्रशासन) वीरेंद्र यादव ने बताया कि जारी फाइनल वोटर लिस्ट में सांगोद नगर पालिका में 23,066, सुकेत में 17,427 और सुल्तानपुर में 20,065 वोटर हैं। चारों निकायों की ड्राफ्ट लिस्ट 24 मार्च को प्रकाशित की थी। निगम का बजट 1700 करोड़ विधायक को 5 करोड़ मिलते हैं कोटा का भावी मेयर तीन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं से भी ज्यादा वोटर का प्रतिनिधित्व करेगा। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा सीट पर औसत मतदाता 2.57 लाख हैं। जबकि निगम में 8.24 लाख वोटर हैं। साल 2020 में हुए चुनाव में कोटा उत्तर में 70 और कोटा दक्षिण में 80 वार्ड थे। शहर में 150 वार्ड थे, जो परिसीमन में घटाकर 100 कर दिए हैं और दोनों निगम भी मर्ज करके एक कर दिया गया। निगम का इस वित्त वर्ष में बजट 1700 करोड़ रुपए हैं। गत वित वर्ष का 1546 करोड़ था। औसत 1400 से 1500 करोड़ रुपए सालाना बजट है। विधायक निधि में हर माल केवल 5 करोड़ रुपए ही मिलते हैं। 27780 वोटर जुड़े और 25984 हटे कोटा नगर निगम की मतदाता सूचियों के लिए प्रारूप प्रकाशन 24 मार्च को हुआ था। तब 8,22,695 मतदाता थे, ड्राफ्ट और फाइनल प्रकाशन की अवधि में 1796 मतदाता बड़े हैं। इस अवधि में 27,780 वोटर जुड़े और 25,984 डिलीट हुए। रामगंजमंडी और इटावा नगर पालिका की ड्राफ्ट सूचियां 13 अप्रैल को प्रकाशित की जा चुकी हैं। इनकी अंतिम सूची 8 मई को जारी होगी। ड्राफ्ट के मुताबिक, इटावा में 19,458 और रामगंजमंडी में 30,712 वोटर हैं। निर्वाचन विभाग के सूत्रों ने बताया कि ऊपर से इन दोनों नगर पालिकाओं का मतदाता सूची कार्यक्रम ही अलग आया है।