कोटा में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला एवं मेडिकल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। लू और तापघात के संभावित मामलों से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में मरीजों के इलाज के लिए 200 बेड का प्री-फैब्रिकेटेड (प्री-फैब) वार्ड रिजर्व किया गया है। इनमें से फिलहाल 50 बेड के साथ वार्ड को शुरू कर दिया गया है, जबकि शेष बेड आवश्यकता अनुसार उपयोग में लिए जाएंगे। इस विशेष वार्ड में लू और तापघात से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। पूरा वार्ड एयरकूल्ड है। अस्पताल प्रशासन ने एयरकूल्ड वार्ड में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित कर दी है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकें। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे एयर कंडीशनर, कूलर और वाटर कूलर की मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह कार्यशील बनाया गया है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए इनकी रिपेयरिंग पहले ही करवा ली गई थी। उन्होंने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी से राहत देने के लिए हॉस्पिटल में ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। अलग-अलग जगहों पर वाटर कूलर लगाकर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डॉक्टरों ने भीषण गर्मी को देखते हुए शहरवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में निकलने से बचने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकें।