कोटा में नाबालिग से रेप के करीब 18 महीने पुराने मामले में पॉस्को कोर्ट क्रम-3 ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है। दोषी और पीड़िता का मकान आमने-सामने है। पीड़िता उसे दाजी (ताऊ) कहकर पुकारती थी। घर में खेलने आई नाबालिग को दोषी ने हवस का शिकार बनाया था। फैसले में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए लिखा- अभियुक्त की उम्र 53 साल है, जो अबोध बालिका के दादाजी के समान है। बालिका उसे दाजी कहकर पुकारती थी। सामाजिक सुरक्षा की गोद, जिसमें मनुष्य का बचपन खेलते-कूदते संवरता है। उस गोद में भी कुत्सित अपराध की संभावना को जन्म देने जैसा है। ऐसी स्थिति में अभियुक्त को दंडादेश से दंडित किया जाना न्याय उचित है। 14 गवाहों के हुए बयान एडवोकेट महेश नारायण भंडारी ने बताया- इस संबंध में पीड़िता के पिता ने अप्रैल 2025 में ग्रामीण पुलिस थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया कि उसकी 9 साल की बेटी आंगनबाड़ी में पढ़ती है। 17 अप्रैल को मैं किसी काम से बाहर गया था। घर में पत्नी और 9 साल की बेटी थी। हमारी टापरी के सामने दोषी पड़ोसी रहता है। अक्सर मेरी बेटी पड़ोसी के घर खेलने जाती थी। 17 अप्रैल को शाम को बेटी पड़ोसी के घर गई थी। आधे घंटे बाद वापस लौटी। तब उसकी हालात खराब थी। उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल लेकर गए। पूछने पर बेटी ने सारी घटना बताई। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 14 गवाहों के बयान करवाए और 34 दस्तावेज पेश किए।