कोटा में रेलवे के ठेकों से जुड़ी एक फर्म में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जवाहर नगर थाने में मैसर्स हाईटेक ऑर्गेनाइजेशन के पार्टनर भास्कर गोयल की शिकायत पर जितेंद्र गोयल, उनकी पत्नी किरण गोयल और अर्पित अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर और डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल कर रेलवे के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्म का बैंक खाता बदल दिया गया। इसके बाद रेलवे से मिलने वाली करोड़ों रुपए की राशि दूसरे खाते में ट्रांसफर करवाकर निकाल ली गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फर्जी डिजिटल सिग्नेचर से रेलवे पोर्टल पर बदला खाता एफआईआर के अनुसार, पेशे से इंजीनियर भास्कर गोयल मैसर्स हाईटेक ऑर्गेनाइजेशन फर्म में पार्टनर हैं। यह फर्म रेलवे की इंजीनियरिंग शाखा से जुड़े विभिन्न कार्य ठेके पर करती है। शिकायत में जितेंद्र गोयल को भी फर्म का वर्किंग पार्टनर बताया गया है। भास्कर गोयल का आरोप है कि जितेंद्र गोयल ने अर्पित अग्रवाल के साथ मिलीभगत कर उनकी जानकारी के बिना पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर डिजिटल सिग्नेचर डोंगल तैयार करवाया गया। इसी के जरिए 29 अक्टूबर 2025 को रेलवे के आईआरईपीएस (IREPS) पोर्टल पर उनकी प्रोफाइल अपडेट की गई। शिकायत के मुताबिक, पोर्टल पर पहले से दर्ज बैंक खाते को हटाकर बैंक ऑफ बड़ौदा की कोटा स्थित महावीर नगर शाखा में फर्म का चालू खाता जोड़ दिया गया। फर्म के लेटरहेड से रेलवे को भेजा पत्र परिवादी के अनुसार, बदले गए बैंक खाते का संचालन जितेंद्र गोयल की इंटरनेट बैंकिंग के जरिए होता था। इसके बाद फर्म के लेटरहेड का इस्तेमाल कर रेलवे को पत्र भेजा गया और आगे के भुगतान नए खाते में करने की मांग की गई। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए रेलवे से फर्म को मिलने वाली करोड़ों रुपए की राशि नए खाते में मंगवाई गई और वहां से निकाल ली गई। रेलवे पोर्टल के अलर्ट से मिली जानकारी भास्कर गोयल के अनुसार, उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी रेलवे पोर्टल से अलर्ट मैसेज मिलने के बाद हुई। इसके बाद बैंक खातों की जांच की तो कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता चला। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जितेंद्र गोयल ने पहले कई बार लाखों रुपए की राशि अपने और अपनी पत्नी किरण गोयल के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। इसके अलावा रेलवे के कार्यादेश के लिए फर्म को मिली 26 लाख रुपए की अग्रिम राशि भी परिवादी की जानकारी के बिना निकालने का आरोप लगाया गया है। काम अधूरा रहने पर रेलवे ने शुरू की कार्रवाई एफआईआर के अनुसार, संबंधित रेलवे वर्कऑर्डर के तहत निर्धारित कार्य पूरा नहीं हुआ। इसके चलते रेलवे ने फर्म के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि रेलवे की ओर से रिकवरी की कार्रवाई और फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई। फिलहाल, जवाहर नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर जितेंद्र गोयल, किरण गोयल और अर्पित अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीनों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।