कोटा ब्लड़ बैंक में हाईटेक इलेक्ट्रोफेरिस उपकरण और ऑटोमैटिक एलिसा रीडर मशीन लगाई जाएगी, जिससे ब्लड़ की जांच कर जेनेटिक बीमारियों का पता लगाया जा सकेगा। रोटरी क्लब कोटा की तरफ से इस मशीन को लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रोटरी क्लब के नए अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खींची ने बताया कि वर्तमान में थैलीसिमीया से पीड़ित बच्चों को जो ब्लड़ चढ़ाया जाता है, उसमें नॉर्मल रूप से बीमारियों की जांच होती है, और ब्लड चढा दिया जाता है। लेकिन इस मशीन के जरीए ब्लड़ देने वाले की जेनेटिक बीमारी का भी पता लगाया जा सकता है। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को सुरक्षित ब्लड मुहैया कराने के लिए एक उच्च क्षमता का ब्लड़ कोल्ड स्टोरेज भी दिया जाएगा। इसके लिए रोटरी क्लब कोटा, इंटरनेशनल से 40 से 50 लाख रूपए की ग्रांट लाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि करीब तीन से चार महीने का समय इसमें लगेगा। इसके अलावा 10 हजार दिव्यांगों को राहत देने के लिए संबल 3 कार्यक्रम चलाया जाएगा। हाडौती क्षेत्र के गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर मेडिकल स्टोर्स और पंचायतों के माध्यम से एक विशाल शिविर का प्रचार किया जाएगा। इस महाशिविर का लक्ष्य 10,000 दिव्यांगों को उनकी आवश्यकतानुसार कृत्रिम हाथ-पैर (जयपुर फुट), कैलिपर्स, बैसाखी, व्हीलचेयर, ट्राई-साइकिल और सुनने की मशीनें पूरी तरह फ्री में उपलब्ध कराना है। इसके अलावा बड़े स्तर पर मेडिकल कैंप भी लगाए जाएंगे। अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खींची ने बताया कि गोबरिया बावड़ी स्थित मानव सेवा अस्पताल में क्लब की ओर से स्थापित छह डायलिसिस मशीनों के जरिए जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क डायलिसिस सेवा दी जाती रहेगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में देवनारायण रोटरी पब्लिक स्कूल संचालित किया जा रहा है जिसमें कम से कम शुल्क में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई करवाई जा रही है। स्कूल अभी आठवीं तक है जिसे 10वीं तक करने के लिए केडीए के सहयोग से एक और मंजिल बनवाने तथा बच्चों के लिए खेल मैदान तैयार करवाने का प्रयास किया जा रहा है।