पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत कोटा शहर को जल्द ही 100 नई इलेक्ट्रिक एसी बसों की सौगात मिलने वाली है। सुभाष नगर स्थित बस डिपो का निर्माण काम लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बस स्टैंड का काम पूरा होने के साथ ही प्लेटफॉर्म पर बसों को चार्ज करने वाली हाई-कैपेसिटी चार्जिंग मशीनें भी पहुंच चुकी हैं और उन्हें स्थापित (इन्स्टॉल) कर दिया गया है। हालांकि पहले ये काम जुलाई में पूरा होना था लेकिन काम में देरी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि पहले चरण में 40 एसी ई-बसें जल्द ही कोटा पहुंचेगी, जिन्हें अगस्त महीने से केडीए क्षेत्र के 20 प्रमुख रूटों पर उतारा जाएगा। इन नई ई-बसों का संचालन कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। जैसे ही 40 बसों का पहला जत्था सड़क पर उतरेगा, शहर में वर्तमान में चल रही 28 पुरानी सिटी बसों को रूटों से पूरी तरह हटा दिया जाएगा। सुभाष नगर स्थित डिपो में एक साथ 100 ई-बसों की पार्किंग और मेंटेनेंस की व्यवस्था की गई है। डिपो का प्रशासनिक भवन, जीएसएस और मेंटेनेंस सेक्शन पूरी तरह तैयार हैं। यह बसें एक बार फुल चार्ज होने पर 200 किलोमीटर तक चल सकेंगी। सफर के दौरान बैटरी खत्म न हो, इसके लिए विभिन्न रूटों पर इंटरमीडिएट चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं। 10 से 60 तक होगा टिकट ई-बसों की अत्याधुनिक सुविधाओं और एसी सेवा को ध्यान में रखते हुए किराए में आंशिक संशोधन किया गया है। पुरानी बसों में जहां न्यूनतम किराया 5 रुपए था, वहीं ई-बसों में यह 10 रुपए से शुरू होकर अधिकतम 60 रुपए तक होगा। 0 से 3 किलोमीटर तक 10 रुपए, 3 से 6 किलोमीटर तक 15, 6 से 10 किलोमीटर 20 रुपए, 10 से 20 किलोमीटर 40 रुपए, 20 किमी से अधिक (दूरी के अनुसार) अधिकतम 60 रुपए किराया रहेगा। यह बसें केवल निर्धारित बस स्टॉप्स पर ही रुकेंगी, जिससे ट्रैफिक में बेवजह का व्यवधान नहीं होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा। बाकि 60 बसों के आने के बाद उनके अलग-अलग रूट तय किए जाएंगे।