कोटा शहर में कचरे के ढेर लगने की समस्या का समाधान जल्द ही होने वाला है। नान्ता स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में बन रहा आरडीएफ (RDF) और कम्पोस्ट प्लांट अब अंतिम ट्रायल चरण में है। इस प्लांट के पूरी तरह से शुरू होने के बाद, शहर से रोजाना निकलने वाले कचरे को उसी दिन प्रोसेस किया जा सकेगा। नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण करने के बाद बताया- यहां 400 टन प्रतिदिन क्षमता का प्लांट लगाने का कार्यादेश दिया गया था, लेकिन ठेकेदार ने अपनी ओर से इसकी क्षमता बढ़ाकर 600 टन प्रतिदिन कर दी है। इससे शहर के कचरा प्रबंधन में और भी अधिक मदद मिलेगी। कम्पोस्ट का इस्तेमाल खेती और बागवानी में होगा नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया- इस प्लांट में शहर से आने वाले कचरे को प्रोसेस करके 2 उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे - रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) और कम्पोस्ट। आरडीएफ का उपयोग सीमेंट उद्योग में फ्यूल के रूप में किया जाएगा, जबकि कम्पोस्ट का इस्तेमाल खेती और बागवानी में होगा। प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो चुका है और इसमें सामने आई खामियों को दूर कर लिया गया है। निगम ने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि अगले 2 दिनों में प्लांट को पूरी तरह चालू कर दिया जाए। निरीक्षण के दौरान प्लांट परिसर में पार्किंग, ग्रीन बेल्ट, रिटेनिंग वॉल और कम्पोस्ट बेड निर्माण जैसे अन्य जरूरी कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जून तक 2.5 लाख क्यूबिक मीटर लिगेसी वेस्ट खत्म करने का लक्ष्य नगर निगम ट्रेंचिंग ग्राउण्ड पर पुराने कचरे (लिगेसी वेस्ट) के निस्तारण का काम भी तेजी से कर रहा है। अब तक 5 लाख क्यूबिक मीटर कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। आयुक्त ने बताया कि जून तक 2.50 लाख क्यूबिक मीटर और कचरे को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद बचे हुए कचरे के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।