कोटा में टीनशेड लगाते समय 11 हजार केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे युवक की मौत हो गई। अस्पताल में दीगोद का रहने वाला 28 साल का लोकेश भारती 18 दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा। आखिरकार 18 दिन बाद लोकेश ने रविवार को देर रात अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद परिजनों ने मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोकेश शादीशुदा था। मामला 25 जून को दीगोद क्षेत्र का है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मकान के ऊपर से गुजर रही थी 11 हजार केवी बिजली लाइन मृतक के चाचा घनश्याम ने बताया कि 25 जून को लोकेश और मैं दीगोद निवासी राजेंद्र नागर के घर टीनशेड लगाने का काम करने गए थे। मकान के ऊपर से 11 हजार केवी बिजली लाइन गुजर रही थी। काम शुरू करने से पहले परिवार ने मकान मालिक से पूछा था कि बिजली लाइन चालू है या बंद, जिस पर उन्हें लाइन बंद होने की जानकारी दी गई। इसी भरोसे पर काम शुरू किया गया, लेकिन टीनशेड लगाते समय लोकेश अचानक करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। युवक ने 18 दिन बाद कोटा में निजी अस्पताल में तोड़ा दम घनश्याम ने आगे बताया कि आनन-फानन में तुरंत लोकेश को पहले स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रेफर कर दिया गया। इसके बाद एक निजी अस्पताल में लगातार 18 दिनों तक उसका इलाज चलता रहा, लेकिन देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मकान मालिक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मांग की है कि जिस घर में काम करने के दौरान हादसा हुआ, वहां की ओर से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंपा दीगोद थाना पुलिस के एएसआई ने बताया कि परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।