राजस्थान में गर्मी तेज होने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने आगामी 3-4 दिनों के लिए राज्य में तेज गर्मी और हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। इसी बीच, कोटपूतली-बहरोड़ जिले में रबी की फसल की कटाई पूरी होने के बाद कृषि विभाग ने किसानों से खेतों की गहरी जुताई करने की अपील की है। कृषि विभाग के सहायक उप निदेशक डॉ. रामजीलाल यादव ने बताया कि गर्मी के मौसम में खेतों की गहरी जुताई करने से आगामी फसलों को कई लाभ मिल सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि मिट्टी पलटने वाले हल से कम से कम 9 इंच गहरी जुताई की जानी चाहिए। गर्मी की जुताई से रबी फसलों पर लगे हानिकारक कीटों के अंडे या लार्वा, जो मिट्टी की दरारों में छिपे होते हैं, तेज धूप से नष्ट हो जाते हैं। इससे खेत कीट-पतंगों से सुरक्षित हो जाता है और अगली फसल में कीटों के प्रकोप की संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही, खरपतवार के बीज अधिक गहराई में नहीं पहुंच पाते हैं। रबी या खरीफ फसलों में प्रयोग किए गए कीट और खरपतवार नाशकों का असर जमीन में गहराई तक होता है। गर्मी में जुताई करने से खेत में उनका प्रभाव खत्म हो जाता है क्योंकि तीव्र ऊर्जा और प्रकाश से ये जहरीले रसायन विघटित हो जाते हैं। इसी प्रकार, रासायनिक उर्वरकों का अंश अघुलनशील अवस्था में खेत में अवशेष के रूप में पड़ा रहता है, जो धीरे-धीरे खेत को बंजर बनाता है। गर्मी की जुताई से सूर्य की तेज धूप से ये रसायन विघटित होकर घुलनशील उर्वरकों में परिवर्तित हो जाते हैं, जो अगली फसल को पोषण देते हैं। गर्मी की जुताई से खेत की नमी काफी गहराई तक सूख जाती है। मिट्टी के सुराख खुल जाने से वर्षा जल बहुतायत से जमीन में सोख लिया जाता है। इससे मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ जाती है और पर्याप्त नमी खेत में संचित रहती है, जो खरीफ की फसल उत्पादन में सहायक होती है।