खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर प्रदेशभर में 13 से 17 जुलाई 2026 तक सीएनजी आउटलेट्स पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, सही माप और मात्रा सुनिश्चित करना तथा विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। अभियान के अंतर्गत, विधिक माप विज्ञान अधिकारी रमन यादव ने जिले के विभिन्न सीएनजी आउटलेट्स का गहन निरीक्षण किया। इनमें नीमराना स्थित आरएसजीएल और शहीद नरेंद्र फिलिंग स्टेशन, सांगटेड़ा का मोहिनी फिलिंग स्टेशन, अंटेला का आकाश फिलिंग स्टेशन, पावटा का तिरुपति फ्यूल सेंटर, बहरोड़ का सूरत सिंह इंडियन ऑयल और बानसूर का रामेश्वर दयाल महावीर प्रसाद शामिल थे। मशीनों का विधिक सत्यापन किया निरीक्षण के दौरान, सीएनजी वितरण मशीनों का विधिक सत्यापन किया गया। इसके साथ ही, सत्यापन प्रमाण-पत्रों की वैधता, आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण और मानक मापों का उपयोग करके उपभोक्ताओं को दी जा रही सीएनजी की मात्रा की जांच भी की गई। मानकों के अनुसार सही मात्रा में मिली सीएनजी जांच में पाया गया कि सभी निरीक्षित सीएनजी आउटलेट्स पर उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुसार सही मात्रा में सीएनजी उपलब्ध कराई जा रही थी। सत्यापन प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक अभिलेख भी वैध पाए गए, जिससे ये सुनिश्चित हुआ कि आउटलेट्स विधिक माप विज्ञान अधिनियम और नियमों का पालन कर रहे हैं। हालांकि, आरएसजीएल (नीमराना), शहीद नरेंद्र फिलिंग स्टेशन (नीमराना), मोहिनी फिलिंग स्टेशन (सांगटेड़ा) और आकाश फिलिंग स्टेशन (अंटेला) पर सत्यापन प्रमाण-पत्र निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं मिले। इन आउटलेट्स के संचालकों को प्रमाण-पत्रों को निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। विधिक माप विज्ञान अधिकारी रमन यादव ने बताया- विभाग उपभोक्ताओं को सही माप और सही मात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे विशेष निरीक्षण अभियान और नियमित जांच भविष्य में भी जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।