कोटपूतली-बहरोड़ जिले में 3 साल के बच्चे को उसी बस ने कुचल दिया, जिस बस से उतरकर वह घर जा रहा था। बच्चा बस से उतरकर घर जाने के लिए सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान ड्राइवर ने बिना देखे बस को आगे बढ़ा दिया। बस का कंडक्टर साइड का टायर बच्चे के सिर के ऊपर से निकल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर ने बस नहीं रोकी और फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीण जमा हो गए और ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से ग्रामीणों की कहासुनी हो गई। डीएसपी राजेंद्र बुड़बक और तहसीलदार रामधन गुर्जर ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को संभाला। मामला पनियाला थाना क्षेत्र के कायमपुरा गांव की है। नर्सरी क्लास में पढ़ता था बच्चा हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र कुमार ने बताया- मृतक छात्र के पिता बबूल मेघवाल ने ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दी है। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि मेरा इकलौता बेटा लौकित गांव की प्रताप विद्या मंदिर स्कूल में नर्सरी क्लास में पढ़ता था। मेरे बड़े भाई का बेटा भी उसी स्कूल में पढ़ता है। दोनों बच्चे बस से स्कूल आते-जाते थे। गुरुवार दोपहर 1.30 बजे बस बच्चों को घर छोड़ने आई थी। घर से 100 फीट पहले लौकित और बड़े भाई का बेटा बस से उतर गया। हमारा घर सड़क के दूसरी तरफ था। लौकित घर आने के लिए बस के सामने से सड़क पार कर रहा था। मेरे बड़े भाई का बेटा पीछे था। इसी दौरान बस ड्राइवर ने बिना देखे बस को आगे बढ़ा दिया। बस के कंडक्टर साइड का आगे का पहिया लौकित के सिर के ऊपर से निकल गया और उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर भाग गया। हादसे के दौरान बस में कुछ और बच्चे भी सवार थे, जिनको ड्राइवर ने 1 किलोमीटर दूर मीणों का मोहल्ला में उतार दिया। बबलू मेघवाल ने बताया- लौकित को हमने पिछले साल स्कूल भेजना शुरू किया था। वह पिछले साल 3 महीने ही स्कूल गया था। हादसे के समय मैं कोटपूतली में मजदूरी करने गया हुआ था। शाम 7.30 बजे लौकित को दफनाया गया। घटना को लेकर भास्कर ने स्कूल संचालक अनिल यादव को फोन किया, लेकिन उनका नंबर बंद आ रहा है। हादसे से जुड़े PHOTOS….