कोटपूतली में शिक्षक प्रतिनिधि मंडल ने लंबित समस्याओं के समाधान, सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग की है। इसे लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम योगेश सिंह देवल को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर रहे हैं। हालांकि, रिक्त पदों, स्थानांतरण, पदोन्नति, आधारभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक विसंगतियों के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की कि रिक्त शिक्षक एवं प्रधानाचार्य पदों पर शीघ्र भर्ती एवं पदोन्नति की जाए। इसके साथ ही, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नियमित एवं पारदर्शी नीति के तहत किए जाएं। लंबित डीपीसी आयोजित कर समय पर पदोन्नति दी जाए तथा वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की रीट संबंधी विसंगतियों का व्यावहारिक समाधान किया जाए। शिक्षकों ने जर्जर स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण, अतिरिक्त कक्षों के निर्माण, पेयजल, शौचालय एवं बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की। इसके अलावा, लंबित पेंशन, जीपीएफ, मेडिकल एवं अन्य वित्तीय प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने, गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने, छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति करने तथा प्रत्येक स्कूल में स्मार्ट कक्षा एवं इंटरनेट सहित आईसीटी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। सेवा संबंधी प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के लिए जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से छात्रहित एवं शिक्षा के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। इस दौरान जिला सभाध्यक्ष पुष्कर रावत, अध्यक्ष हजारी लाल गुर्जर, सभाध्यक्ष हवासिंह गुर्जर, महावीर प्रसाद यादव, हरिराम मीना, प्रकाश सूद, विनोद रावत, रणवीर रावत, हरदान रावत, ओमप्रकाश रावत, इंद्रकुमार, दीनाराम जांगल, राजेंद्र मीना सहित अनेक शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।