कोटपूतली में राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 पर संभाग स्तरीय और जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। विधेयक प्रारूप समिति के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विधिवेत्ताओं, सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों और आमजन ने VC के माध्यम से अपने सुझाव दिए। सभी लोगों से सुझाव मांगे समिति अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता के संबंध में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। सिंह ने यह भी बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और विचारों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। इन्हीं सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता विधेयक का प्रारूप तैयार किया जाएगा। गंभीरता से किया जाएगा विचार उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति समर्थन, संशोधन और असहमति सहित सभी प्रकार के सुझावों का स्वागत करती है और उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यूसीसी पर अपने सुझाव दें, ताकि राज्य में एक मजबूत, न्यायसंगत और व्यावहारिक समान नागरिक संहिता कानून बनाया जा सके। समिति सदस्यों ने बताया कि विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए आमजन जनसुनवाई के अतिरिक्त वेबसाइट https://ucc.rajasthan.gov.in के माध्यम से भी अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। राजस्थान के सभी जनआधार कार्ड धारकों को इस संबंध में एसएमएस भी भेजे गए हैं। 400 शब्दों तक दे सकेंगे सुझाव वेबसाइट पर सुझाव देने के लिए मोबाइल नंबर या जनआधार नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद व्यक्तिगत या संस्थागत विकल्प चुनना होगा। इसके पश्चात एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें दिए गए प्रश्नों के लिए 'हां' या 'नहीं' का विकल्प चुना जा सकता है। नागरिक 400 शब्दों तक के सुझाव भी दे सकते हैं और सुझाव या ज्ञापन की पीडीएफ प्रति भी संलग्न की जा सकती है।