भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने एक बार फिर जमीन की डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी हैं। इसके बाद अब भूखंड, मकान, दुकान, फ्लैट और कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां महंगी हो गई हैं। इसका सीधा असर आमजन की जेब पर पड़ेगा और संपत्ति खरीदने वालों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च वहन करना होगा। एक सामान्य व्यक्ति के लिए 25 गुणा 40 साइज के भूखंड की रजिस्ट्री पर करीब 4500 रुपए अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी विभाग ने शहरी क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई के आधार पर डीएलसी दरों में 5 से 7 प्रतिशत तक इजाफा किया था। तीन साल में डीएलसी की दरें चार बार बढ़ चुकी है। 2024 में दो बार वृद्धि हुई। अप्रैल में 10 प्रतिशत और दिसंबर में 5 प्रतिशत। 2025 दिसंबर में 7 प्रतिशत और अब 2026 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। इसमें 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बार डीएलसी दरों के निर्धारण में पहली बार आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। विभाग ने एनआई के माध्यम से जीआईएस (जियोग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम) टैगिंग का सहारा लिया है, जिससे अब किसी भी लोकेशन की सटीक डीएलसी दर आसानी से जांची जा सकेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ने और मूल्यांकन में एक समानता रहेंगी। निर्माण लागत: 1000 वर्गफुट निर्मित मकान की रजिस्ट्री पर 48 हजार रुपए बढ़े... इससे पहले नवंबर 2025 में भी सरकार ने मकानों की निर्माण लागत बढ़ाई थी। पहले जहां आरसीसी छत वाले मकानों और फ्लैटों की निर्माण लागत 1,200 रुपए प्रति वर्ग फीट से रजिस्ट्री होती थी, अब इसे बढ़ाकर 1,800 रुपए प्रति वर्ग फीट कर दिया गया है। आरसी व्यास में सबसे महंगी 24,210 रुपए वर्ग मीटर आवासीय जमीन जिले में सबसे महंगी आवासीय जमीन आरसी व्यास कॉलोनी में दर्ज की गई है, जहां डीएलसी दर 26,431 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गई है। यहां पहले आवासीय की 24,210 रुपए तथा व्यावसायिक क्षेत्र की 73,640 रुपए प्रति वर्ग मीटर दर थीं। यहां व्यावसायिक क्षेत्र में दर की गणना 81004 रुपए प्रति वर्ग मीटर से होगी। वहीं, व्यावसायिक क्षेत्रों में रेलवे स्टेशन से सदर बाजार, गोल प्याऊ चौराहा और सुभाष मार्केट तक डीएलसी दरें सबसे अधिक 1,45332 रुपए प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई हैं। वर्ष 2023 में आरसी व्यास कॉलोनी जैसी प्रमुख कॉलोनियों की डीएलसी दर लगभग 13,380 रुपए प्रति वर्ग मीटर थी।