वकील रामकिशोर बाना पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से वकीलों में रोष है। सोमवार को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पेन डाउन हड़ताल कर न्यायिक कार्य स्थगित रखा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को राजस्थानभर में फैलाया जाएगा। कोर्ट में धमकाने का आरोप संघ अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली के अनुसार, 6 अक्टूबर को वकील रामकिशोर बाना एक आपराधिक मामले में अभियुक्त की जमानत के लिए पैरवी कर रहे थे। आरोप है कि इससे नाराज दूसरे पक्ष के लोगों ने न्यायालय परिसर में उन्हें धमकाया और मुकदमे की फाइल फाड़कर पैरवी नहीं करने का दबाव बनाया। आरोप के मुताबिक, इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे बालवा रोड पर बोलेरो से उनकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया गया। इसके बाद हमलावरों ने लाठी-सरियों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में नागौर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज है। 4 दिन का अल्टीमेटम देने के बाद हड़ताल अधिवक्ता संघ ने पहले पुलिस प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार दिन का समय दिया था। इस दौरान आम पक्षकारों को परेशानी से बचाने के लिए न्यायिक कार्य जारी रखा गया। संघ का कहना है कि छह दिन बीतने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके विरोध में सोमवार से पेन डाउन हड़ताल शुरू की गई। राजस्थान में आंदोलन की चेतावनी वकीलों ने पुलिस उपाधीक्षक एवं आईपीएस अधिकारी जतिन जैन से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। संघ ने निर्णय लिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक न्यायिक कार्य स्थगित रखा जाएगा। अधिवक्ता संघ मंगलवार को अन्य बार एसोसिएशनों से भी समर्थन मांगेगा। संघ ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर राजस्थानभर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय में पैरवी करने वाले वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।