सोप | अखिल भारतीय श्री धाकड़ महासभा भारतवर्ष के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व तहसीलदार राधाकिशन धाकड़ ने नागर चाल एवं दुहाड़ क्षेत्र में प्रचलित बताई जा रही कुप्रथा को समाप्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के समाज अध्यक्षों को पत्र भेजकर समाजहित में पंचों की बैठक आयोजित करने का आग्रह किया है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र के अनुसार, महासभा की ओर से 15 से 22 जून तक आयोजित धाकड़ दर्शन यात्रा के दौरान नागरचाल, दुहाड़ एवं आसपास के करीब 100 गांवों का भ्रमण किया गया। यात्रा के दौरान पंच-पटेलों, समाजबंधुओं तथा स्थानीय लोगों से चर्चा में झाड़ फेरा प्रथा का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। इसके बाद इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श तथा सामाजिक सहमति बनाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के समाज अध्यक्षों को पत्र प्रेषित किया गया। राधाकिशन धाकड़ का कहना है कि इस रस्म के कारण अनावश्यक सामाजिक तथा आर्थिक बोझ बढ़ता है।