अलवर शहर के सुभाष चौक स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से 22 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान 196 साल पुराने इंद्र विमान पर विराजमान होकर रूपबास के लिए निकलेंगे। इंद्र विमान को जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। भगवान दुबई से आए कपड़े से बनी पोशाक को धारण करेंगे। मंदिर के महंत पंडित पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि रथयात्रा में श्रद्धालु भगवान के बाराती बनकर शामिल होंगे। यात्रा में हरियाणा का प्रसिद्ध बमरसिया नृत्य, पांच शंखवादक, 16 सदस्यीय घड़ियाल पार्टी, करतब दिखाते पट्टेबाज, ऊंट-घोड़े, बैंड, पुलिस बैंड, ताशा पार्टी, शहनाई वादन, प्याऊ तथा आकर्षक धार्मिक झांकियां शामिल रहेंगी। इंद्र विमान की दूसरी मंजिल पर भगवान श्री जगन्नाथ की प्रतिमा विराजमान रहेगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। 12 जुलाई से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान महंत पंडित पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि रथयात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत 12 जुलाई को गणेश पूजन से होगी। इस दिन इंदौर से मंगाई गई पवित्र मौली भगवान श्री जगन्नाथ को बांधी जाएगी। इसके बाद 16 जुलाई को गलता जी, पुष्कर और प्रयागराज से लाए गए पवित्र जल और दुबई से मंगाए गए केसर, दूध, घी और माखन से भगवान का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इसी दिन भगवान के कंगन-डोरे बांधकर नई पोशाक धारण कराई जाएगी। दुबई से आए कपड़े की पोशाक धारण करेंगे भगवान महंत ने बताया कि दुबई निवासी एक श्रद्धालु हर साल भगवान श्री जगन्नाथ के लिए विशेष पोशाक भेजते हैं। इस बार भी दुबई से कपड़ा भेजा गया है, जिससे जयपुर में भगवान की पोशाक तैयार की जा रही है। इसके साथ ही दुबई सहित अलग-अलग स्थानों से विशेष सुगंधित इत्र भी आए हैं। बमरसिया नृत्य रहेगा खास आकर्षण रथयात्रा में हरियाणा का पारंपरिक बमरसिया नृत्य विशेष आकर्षण रहेगा। इस लोकनृत्य में दो कलाकार विशाल नगाड़े को डंडों से बजाते हैं, जबकि तीन कलाकार रंग-बिरंगे फूंदों और पंखों से सजी लकड़ियों को हवा में उछालते हुए नृत्य प्रस्तुत करते हैं। नगाड़े के साथ चिमटा, ढोलक, मंजीरा और खड़ताल की संगत पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देती है।