सवाई माधोपुर की मानटाउन थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में एक स्थायी वारंटी को पकड़ा है। वह दो साल से फरार चल रहा था। आरोपी कमीशन के बदले में साइबर ठगों को अपना बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। जिसका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था। आरोपी दो साल से फरार था एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया- एएसपी विजय सिंह और सीओ सिटी जयप्रकाश अटल के सुपरविजन में मानटाउन थाना प्रभारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी लोकेश (22) पुत्र टीकाराम मीणा निवासी बलरिया, थाना चौथ का बरवाड़ा को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था। आरोपी लोकेश साइबर अपराधियों को कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराता था। साइबर ठगी से प्राप्त रकम इसी खाते में जमा कर विभिन्न खातों और डिजिटल माध्यमों से आगे ट्रांसफर की जाती थी। इस तरह के खातों को 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है, जिनका उपयोग अपराधियों की पहचान छिपाने के लिए किया जाता है। पहले कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके है एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया- इस मामले को लेकर पूर्व में चेतनराज, जीतेश समुन्द्र सिंह और भागचंद को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों पर साइबर ठगी से रुपए इकट्ठा करने, ट्रांसफर करने और आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप हैं। जांच में सामने आया कि साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी ग्रुप और चैनल बनाकर स्वयं को शेयर मार्केट, ट्रेडिंग और निवेश विशेषज्ञ बताते थे। इसके बाद वे नकली ट्रेडिंग रिपोर्ट, फर्जी स्क्रीनशॉट और कम समय में कई गुना मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश के नाम पर रकम जमा करवाते थे। लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे पीड़ितों से प्राप्त धनराशि को म्यूल अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड, विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई आईडी के माध्यम से इधर-उधर ट्रांसफर कर वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाई जाती थी। आरोपी इन राशि से धोखाधड़ी करतेक थे। सोशल मीडिया पर फर्जी सफलता के संदेश प्रसारित कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।