मासलपुर ब्लॉक में बाल विवाह की रोकथाम और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से फिर से जोड़ने के लिए एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग और एक्शनएड एसोसिएशन-डीएमजी इवेंट्स के संयुक्त तत्वावधान में हुई। इसमें अभियान को प्रभावी बनाने, विभागीय समन्वय मजबूत करने और 25 जुलाई तक बढ़ाए गए "बैक टू स्कूल" अभियान की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। मासलपुर स्थित पंचायत समिति सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने की। इसमें शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज, चाइल्ड हेल्पलाइन, ग्राम विकास अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि "बैक टू स्कूल" अभियान 12 जून को शुरू हुआ था, जिसे अब 25 जुलाई तक बढ़ाया गया है। इस अभियान के तहत स्कूल छोड़ चुके, कभी स्कूल न गए और शिक्षा से वंचित बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की पहचान कर उनका दोबारा नामांकन कराया जा रहा है। इसके साथ ही, किशोरी समूहों के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम और बालिका सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य फजले अहमद ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ाना और शिक्षा से वंचित बच्चों को स्कूलों से फिर जोड़ना है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश मीना ने प्रवेशोत्सव, डोर-टू-डोर सर्वे और पुनः नामांकन अभियान में शिक्षा विभाग के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। महिला पर्यवेक्षक प्रियंका शर्मा ने जानकारी दी कि महिला एवं बाल विकास विभाग पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएगा। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रभारी भीकम सिंह ने बाल संरक्षण संबंधी मामलों में हेल्पलाइन की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। बैठक में विकास अधिकारी मोहनलाल शर्मा, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह और प्रयत्न संस्था के प्रतिनिधियों ने भी अभियान को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। अंत में, सभी विभागों ने मिलकर मासलपुर को बाल विवाह मुक्त और शिक्षा से समृद्ध बनाने का संकल्प लिया।