उदयपुर के वल्लभनगर क्षेत्र में स्थित काली पहाड़ी रावला के जंगल शनिवार को एक बार फिर आग की लपटों से घिर गए। दोपहर करीब 3 बजे लगी इस भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि 2 दिन पहले गुरुवार को भी इसी जंगल में भयंकर आग लगी थी। बार-बार हो रही आगजनी की इन घटनाओं से ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है। शनिवार को लगी आग की सूचना मिलते ही दमकल की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 3 घंटे की भारी मशक्कत के बाद शाम 6 बजे आग पर काबू पाया जा सका। तेज और गर्म हवाओं के कारण आग की लपटें जंगल से निकलकर मुख्य सड़क तक फैल गईं। इसके चलते मावली-वल्लभनगर रोड पर करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही और जाम जैसे हालात बन गए। सड़क पर धुआं इतना सघन था कि दृश्यता (Visibility) शून्य हो गई थी। इस दौरान कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आग के बीच से ही वाहन निकालते नजर आए, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहा। स्थिति को भांपते हुए मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक को रुकवाया। अब देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… हजारों पेड़-पौधे जलकर खाक, वन संपदा को भारी नुकसान आग में घी का काम किया तेज हवा ने दोपहर की चिलचिलाती धूप और हवा की तेज रफ्तार ने आग में घी का काम किया। देखते ही देखते जंगल का एक बड़ा हिस्सा राख के ढेर में तब्दील हो गया। इस अग्निकांड में हजारों छोटे-बड़े पेड़-पौधों समेत बेशकीमती वन संपदा जलकर नष्ट हो गई। बता दें कि गुरुवार को लगी आग में भी करीब 200 बीघा वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। अब दोबारा उसी जगह आग भड़कने से वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा आग की सूचना मिलते ही वल्लभनगर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, प्रशासन के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए थे। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर झाड़ियों और बाल्टियों से पानी डालकर आग को आबादी क्षेत्र की तरफ बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों से करीब 3 घंटे बाद लपटों पर काबू पाया जा सका। दो दिन में दूसरी बार आग से बढ़ी चिंता लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग और पुलिस की टीम अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या यह आग किसी मानवीय लापरवाही का नतीजा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण। एक ही जगह पर बार-बार आग लगने से ग्रामीण अब किसी साजिश की आशंका भी जता रहे हैं। फिलहाल वन विभाग की टीम इलाके पर नजर रख रही है ताकि आग दोबारा न भड़के। इनपुट- रमेश डांगी, वल्लभनगर