नई मेडिसिन विंग शुरू होने के साथ ही अस्पताल के ढांचे में बड़ा फेरबदल होगा। मेडिसिन विभाग का पूरा सिस्टम एक ही जगह केंद्रित हो जाएगा और सर्जरी विभाग को मेन बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे मरीज को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। मेडिसिन विभाग की नई बिल्डिंग शुरू होने के साथ ही पुरानी मेडिसिन कैजुअल्टी को 16 नंबर ओपीडी में शिफ्ट करने की योजना है। वहां मेडिसिन ओपीडी के साथ ही कैजुअल्टी भी चलेगी। भर्ती लायक मरीजों को सीधे नई विंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। हालांकि नई विंग में भी कैजुअल्टी बनाई गई है, उसे फिलहाल डे केयर के रूप में चलाने की योजना है। नई विंग में जांच के लिए अलग से लैब, सोनोग्राफी, एक्स-रे आदि मशीनें लगाई जानी प्रस्तावित हैं। उसके बाद मरीजों को जांचों के लिए इधर-उधर नहीं भटकना होगा। एक ही छत के नीचे उन्हें इलाज संबंधी हर तरह की सुविधा मिलेगी। नई बिल्डिंग एयर कूल्ड है। भीषण गर्मी को देखते हुए इसे शुरू करने की प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है। इस संबंध में सोमवार को होने वाली कमेटी की बैठक में पूरी रूपरेखा तय की जाएगी। नई विंग के लिए एक मैट्रन, सुपरवाइजर, वार्ड इंचार्ज तय किए जाएंगे। पूरी बिल्डिंग की मेंटेनेंस का जिम्मा पीडब्ल्यूडी का होगा। इसलिए इनके प्रभारियों को भी मीटिंग में बुलाया गया है। भामाशाह ने 100 करोड़ की बिल्डिंग बनाकर दी, शुरू करने की धीमी रफ्तार श्रीमती सीएम मूंधड़ा मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई ने करीब 120 करोड़ रुपए की लागत से नई मेडिसिन विंग बनाकर दे दी, लेकिन इसे शुरू करने में पीबीएम प्रशासन की रफ्तार काफी धीमी है। नई विंग को आखातीज पर शुरू करने की योजना थी, लेकिन प्रिंसिपल के पिता का निधन होने से इसे टालना पड़ा। इसके उद्घाटन का पेंच भी अब तक फंसा हुआ है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि विंग के शुरू होने के बाद भी उद्घाटन की औपचारिकता हो सकती है। किस ओपीडी में कितने मरीज मेन बिल्डिंग में शिफ्ट होगा सर्जरी ओपीडी नई मेडिसिन विंग के नजदीक होने के कारण 16 नंबर ओपीडी को पूरा ही मेडिसिन विभाग के अधीन करने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में वहां सर्जरी विभाग का ओपीडी भी चल रहा है। उसे मेन बिल्डिंग में संचालित मेडिसिन कैजुअल्टी की जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। एक जमाने में वहां सर्जरी का पुराना एमओटी था, जिसे वापस शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। मरदाना अस्पताल में पूरा ए ब्लॉक सर्जरी विभाग को देने की योजना है। इस ब्लॉक में यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी को भी शिफ्ट करने की कवायद की जा रही है। सर्जरी के सभी ऑपरेशन थिएटर ए ब्लॉक में होने के कारण विभाग के अलावा मरीजों के लिए भी यह सुविधाजनक होगा। उन्हें डॉक्टर से दिखाने से लेकर, जांचें कराने और ऑपरेशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि मरदाना विंग में सभी तरह की जांचों की सुविधा है। “नई मेडिसिन विंग जल्दी ही शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बीच-बीच में कुछ अड़चन के कारण विलंब हो रहा था। हैंडओवर की प्रक्रिया इस सप्ताह पूरी करने का प्रयास है।” डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल “नई मेडिसिन विंग के लिए मैट्रन, सुपरवाइजर, वार्ड इंचार्ज तय किए जाने हैं, ताकि वहां का पूरा सामान रिकॉर्ड में लिया जा सके। सभी विभागों की जिम्मेदारी सोमवार को तय कर दी जाएगी।” डॉ. परमेंद्र सिरोही, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन