मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में 21 साल की निहारिका राठौड़ टूटे पैर के साथ रैंप वॉक कर रही हैं। ट्रेनिंग सेशन के दौरान निहारिका का पैर बुरी तरह मुड़ गया था, जिससे उनके पैर की मांसपेशियां फट गई थीं। डॉक्टर ने पैर पर प्लास्टर लगाकर कम से कम 15 दिन तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद, निहारिका राठौड़ अपने बचपन के सपने को पूरा करने के लिए दर्द में भी इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। फाइनलिस्ट प्रज्ञा चौधरी के नाना का मिस राजस्थान के फिनाले से पहले ही निधन हो गया। प्रज्ञा ने ट्रेनिंग सेंटर पर ही उनके अंतिम दर्शन किए। प्रज्ञा ने कहा- नाना का सपना था, अब उसी सपने को मैं पूरा कर रही हूं। जयपुर के जामडोली स्थित हैवा हैवन रिसॉर्ट में मिस राजस्थान 2026 का फिनाले वीक चल रहा है। मिस राजस्थान की ओर से फिनाले वीक में फाइनलिस्ट्स को 9 दिनों की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसका ग्रैंड फिनाले जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में 4 जुलाई को होगा। दैनिक भास्कर ने टॉप फाइनलिस्ट्स से बातचीत की। नाना की अंतिम इच्छा पूरी करने रैंप पर पहुंचीं प्रज्ञा जयपुर की रहने वाली फाइनलिस्ट प्रज्ञा चौधरी ने बताया- मिस राजस्थान 2026 की ट्रेनिंग सेशन के दौरान ही उनके नाना का निधन हो गया। अंतिम समय में नाना की इच्छा थी कि वे अपनी नातिन को मिस राजस्थान के मंच पर देखें। परिवार उनके पार्थिव शरीर को ट्रेनिंग स्थल तक लेकर आया, जहां मैंने ने अंतिम बार अपने नाना को श्रद्धांजलि दी, उनका आशीर्वाद लिया और वापस रैंप पर लौट आईं। प्रज्ञा ने कहा- नाना हमेशा कहते थे कि तुम जीतकर आओगी और पहले नंबर पर रहोगी। मैं उनकी इस आखिरी इच्छा को अधूरा नहीं छोड़ना चाहती थी। मुझे विश्वास है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा। प्रज्ञा एक साल पहले कैंसर से अपने भाई को भी खो चुकी हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनके भाई की मुलाकात पूर्व मिस राजस्थान विजेता से हुई थी। उसी दिन भाई ने उनसे कहा था कि वे भी एक दिन मिस राजस्थान का ताज पहनें। अब वे अपने भाई और नाना, दोनों का सपना पूरा करना चाहती हैं। झुंझुनूं के गांव से आईं ज्योति चौधरी, तानों के बीच बना रही हैं अपनी पहचान झुंझुनूं जिले के मेहरा दासी गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी पहली बार किसी ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा ले रही हैं। ज्योति चौधरी ने बताया- मेरे परिवार का फैशन या मॉडलिंग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं रहा। इसके बावजूद मैंने खुद पर भरोसा किया और आज टॉप-28 फाइनलिस्ट्स में अपनी जगह बनाई। ज्योति ने कहा- गांव में आज भी कई लोग मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री को अच्छी नजर से नहीं देखते। छोटे कपड़े पहनने पर लड़कियों के चरित्र पर भी सवाल उठाए जाते हैं। मिस राजस्थान में आने के बाद उन्होंने पहली बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर जहां कई लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया, वहीं कुछ लोगों ने उनकी आलोचना भी की। हालांकि, वे नकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान देने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं। ज्योति फिलहाल M.Sc. की पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही SSC CGL और CDS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हैं। उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का भी है। दौसा के छोटे गांव से निकलकर मिस राजस्थान तक पहुंचीं दिव्यांशी जांगिड़
दौसा जिले के भांडारेज गांव की 18 साल की दिव्यांशी जांगिड़ अपने गांव की पहली लड़की हैं, जो मिस राजस्थान के मंच तक पहुंची हूं। दिव्यांशी ने बताया- मेरे गांव में मॉडलिंग को लेकर आज भी लोगों की सोच सकारात्मक नहीं है। कई रिश्तेदार भी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे, लेकिन मेरी मां ने हमेशा मेरा साथ दिया। मां ने मुझसे कहा कि मेरे दोनों भाइयों के सपने पूरे नहीं हो सके, इसलिए अब मैं अपने सपनों को जरूर पूरा करूं। दिव्यांशी ने बताया- परिवार में माता-पिता और दो बड़े भाई हैं। एक भाई नौकरी करता है, जबकि दूसरा UPSC की तैयारी कर रहा है। वह खुद बीए (BA) द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। आज उनके गांव की कई लड़कियां सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क कर रही हैं। दिव्यांशी उन्हें यही सलाह देती हैं कि सबसे पहले अपने परिवार का विश्वास जीतें, क्योंकि परिवार का साथ मिलने के बाद ही सपनों की उड़ान आसान होती है। सिंगल मदर की बेटी पलक शर्मा बोलीं- मेरी मां ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं जयपुर की रहने वाली 19 साल की पलक शर्मा बचपन से ही ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना चाहती थीं। पलक ने बताया- मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां ही अकेले पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद मां ने कभी मेरे सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की। पलक कहती हैं- जब मैंने मॉडलिंग में आने की इच्छा जताई, तो मां ने सिर्फ इतना कहा कि लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता मत करो, बस अपने सपने को पूरा करो। पलक ने टॉप मॉडल राउंड के लिए अपनी ड्रेस भी खुद डिजाइन की है, जिसकी थीम 'विक्टोरियन गॉथिक लुक' थी। उन्होंने इस ड्रेस की स्कर्ट खुद तैयार की, जबकि पूरी ड्रेस को सिलने और उसे अंतिम रूप देने में उनकी मां ने घंटों मेहनत की। पलक के लिए यह ड्रेस सिर्फ एक कॉस्ट्यूम नहीं, बल्कि मां-बेटी की साझा मेहनत और अटूट प्यार का प्रतीक है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में चयन के बाद मिस राजस्थान पहुंचीं आस्था भूटानी जयपुर की आस्था भूटानी का चयन दुनिया की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हो चुका है। अगस्त से उनकी पढ़ाई शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले उन्होंने खुद को एक नए अनुभव के लिए मिस राजस्थान के मंच पर आजमाने का फैसला किया। IIT बैकग्राउंड रखने वाली आस्था का कहा- व्यक्ति को खुद को केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हार्वर्ड जाने से पहले उनके पास कुछ समय था, उसी दौरान मिस राजस्थान के ऑडिशन हुए और उन्होंने बिना ज्यादा सोचे इसमें हिस्सा ले लिया। पहली बार मॉडलिंग करने के बावजूद वे टॉप-28 तक पहुंच गईं। उनका मानना है कि अकादमिक करियर (पढ़ाई) और मॉडलिंग दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। आगे चलकर वे इन दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश करेंगी। गंभीर चोट के बावजूद रैंप नहीं छोड़ा निहारिका राठौड़ ने निहारिका ने बताया- ट्रेनिंग सेशन मैं पैर बुरी तरह मुड़ गया, जिससे उनके पैर की मांसपेशियों में गंभीर चोट आ गई (मांसपेशियां फट गईं)। 'टॉप मॉडल राउंड' मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था और बचपन का सपना बीच में छोड़ना उन्हें मंजूर नहीं था। पैर पर प्लास्टर इसलिए नहीं चढ़वाया, क्योंकि लगातार चलने-फिरने से उसके टूटने का खतरा था। मैं पेनकिलर्स के सहारे लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं और रैंप पर उतर रही हैं। यह मेरा पहला ऑडिशन था और पहली ही कोशिश में मुझे सफलता मिली। मुझे लगता है कि भगवान ने मुझे यह अवसर किसी खास मकसद से दिया है, इसलिए मैं किसी भी हाल में पीछे नहीं हटूंगी। ----------- मिस राजस्थान फिनाले वीक से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… मॉडल ने ताश के पत्तों से बना आउटफिट पहना:कोई बनी आईफा ट्रॉफी, मां की ज्वैलरी से बनी ड्रेस; मिस राजस्थान फिनाले वीक में अनोखे लुक मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में टॉप-28 फाइनलिस्ट मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। इस दौरान सभी मॉडल्स अपनी अनोखी और रचनात्मक ड्रेसेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहीं। रैंप वॉक के दौरान किसी मॉडल ने ताश के पत्तों से बना अनोखा आउटफिट पहना, तो किसी ने खुद को आईफा अवॉर्ड ट्रॉफी के रूप में खूबसूरती से प्रस्तुत किया। (पढ़ें पूरी खबर)