पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान के संकल्प के तहत शनिवार को मिशन हरियालो राजस्थान 2026 की शुरुआत हुई। कलेक्टर बालमुकुंद असावा की पहल पर जिले की सभी 231 ग्राम पंचायतों और सभी शहरी निकायों में एक साथ बड़े स्तर पर पौधे रोपे। कलेक्टर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में हरियाली जीवन का आधार है। मिशन हरियालो राजस्थान 2026 को जन आंदोलन बनाया जाएगा। लक्ष्य जिले को राजस्थान के सबसे हरे-भरे जिलों में शामिल करना है। अभियान के तहत जिले में 251 वृक्ष कुंज विकसित किए जाएंगे। शुभारंभ के दिन हर वृक्ष कुंज में 5 से 7 फीट ऊंचाई के 200 फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। फलदार पौधों में जामुन, आंवला, शहतूत, आम, इमली, आंवला शामिल रहे। छायादार पौधों में नीम, पीपल, बरगद, शीशम, करंज, गुलमोहर, कदम लगाए गए। पौधों का चयन वैज्ञानिक आधार पर किया। जिससे स्थानीय मिट्टी और जलवायु में बेहतर बढ़वार ह​ो। मिशन के नवाचार घटक एक जिला एक प्रजाति के तहत क्षेत्र की पहचान एक प्रजाति से जोड़ी गई। किशनगंज पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बांसथूनी और शाहाबाद पंचायत समिति के खुशियारा खेड़ा में आर्थिक और औषधीय महत्व वाले चिरौंजी के पौधों का विशेष रोपण किया। ग्राम पंचायत बांसथूनी में विधायक लालित मीणा ने श्रमदान कर पौधे लगाए। ग्राम खुशियारा खेड़ा में पूर्व विधायक हेमराज मीणा ने भी पौधे लगाए। स्थानीय सरपंच, वार्डपंच, गणमान्य नागरिक, युवा, महिलाएं भी शामिल रहीं। जिला प्रशासन की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद बारां के समन्वय में सभी उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता, तहसीलदार, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी फील्ड में रहे। व्यवस्थाएं संभाली गईं। कलेक्टर ने कहा कि पौधा लगाना काफी नहीं है। पौधे को बड़ा पेड़ बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभागों को निर्देश दिए कि हर पौधे की जियो-टैगिंग हो। नियमित निगरानी की जाए। स्कूल, कॉलेज, एनजीओ, आमजन से अपील की गई कि वे पौधों को गोद लें। देखभाल करें। कलेक्टर ने कहा कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। हरियाली, रोजगार, जैव विविधता के नए अवसर बनेंगे।