उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी ने ग्रेजुएशन के सम सेमेस्टर यानी दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए स्टूडेंट्स से आवेदन मांगे है। इसके बाद से स्टूडेंट्स को एग्जाम की चिंता सताने लगी है। स्टूडेंट्स के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि पहला सेमेस्टर खत्म हुए केवल 15 से 20 दिन ही हुए है। वहीं सम सेमेस्टर की क्लासेज भी अब तक शुरू नहीं हुई है। बिना कॉलेज गए और बिना टीचरों की मदद के आखिर 15 दिन में स्टूडेंट्स कैसे कोर्स पूरा करें। वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन का तर्क कि प्रशासन 1 जुलाई से हर हाल में नया सत्र यानी न्यू सेशन शुरू करना चाहता है। 1 मई से ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भरने होगा परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश कुमार बारबर ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार 1 मई 2026 से एग्जाम फॉर्म भरने का पोर्टल भी खुल जाएगा। स्टूडेंट्स को 11 मई तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा करने का समय दिया गया है। परीक्षाएं मई के आखिरी हफ्ते में शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने सभी संबंधित कॉलेजों के प्रिंसिपल व विभागाध्यक्षों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर पर स्टूडेंट्स को तुरंत सूचित करें और रोजाना के आधार पर फॉर्म अप्रूव करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि प्रक्रिया में कोई देरी न हो। यूनिवर्सिटी ने अपनी अधिसूचना में साफ कर दिया है कि समय कम है और परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, इसलिए स्टूडेंट्स को बिना किसी देरी के वेबसाइट पर जाकर अपनी डिटेल चेक करनी चाहिए और फॉर्म भर देना चाहिए। क्लास लगे बिना सम सेमेस्टर के एग्जाम वर्तमान में पहले, तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं या तो अभी चल रही हैं या फिर कुछ ही दिन पहले ही खत्म हुई हैं। नियम के हिसाब से एक सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए पर्याप्त महीनों का समय मिलना चाहिए लेकिन सुविवि में तो क्लासेस शुरू हुए बिना ही परीक्षा की तारीखें करीब आ गई हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन का इसके पीछे अपना तर्क है। प्रशासन 1 जुलाई से हर हाल में नया सत्र यानी न्यू सेशन शुरू करना चाहता है। स्टूडेंट्स के सामने समस्या, कोर्स कैसे करें पूरा? दरअसल, कोरोना और अन्य कारणों से यूनिवर्सिटी के कई कोर्स फिलहाल एक सेमेस्टर पीछे चल रहे हैं। इस पटरी से उतरी शैक्षणिक व्यवस्था को वापस सही करने के लिए यह जल्दबाजी की जा रही है। अब स्टूडेंट्स के सामने बड़ा सवाल यह है कि वे अपना पूरा सिलेबस कैसे कवर करेंगे। आमतौर पर एक सेमेस्टर को समझने और पढ़ने के लिए महीनों की मेहनत लगती है, लेकिन यहां केवल तीन हफ्तों के भीतर आवेदन से लेकर परीक्षा तक की पूरी प्रक्रिया निपटाने की तैयारी है। नए पेपरों के बोझ ने छात्रों को चिंता में डाल दिया है। आने वाले कुछ दिन छात्रों और कॉलेज प्रशासन दोनों के लिए काफी भागदौड़ भरे रहने वाले हैं। यूनिवर्सिटी की प्राथमिकता भले ही सत्र को समय पर लाना हो, लेकिन बिना पढ़ाई के परीक्षा के इस फैसले ने छात्र वर्ग में हलचल मचा दी है।