सीबीएसई पैटर्न पर संचालित प्रदेश के 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू होने के 20 दिन बाद भी बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं लगाए जा सके हैं। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में रिक्त पदों को नए शिक्षा सत्र से पहले भरने के लिए 14 जनवरी से 23 जनवरी तक इच्छुक शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। प्रदेश के मॉडल स्कूलों में रिक्त 1338 पदों पर लगभग 9 हजार शिक्षकों ने आवेदन किया है। लेकिन शिक्षा विभाग 3 महीने बाद भी इंटरव्यू तथा लिखित परीक्षा की तिथि तय नहीं कर पाया है। ऐसे में एक और जहां बच्चों को पढ़ने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। वहीं आवेदन करने वाले शिक्षकों को भी मॉडल स्कूलों में पोस्टिंग का इंतजार है। उधर, मॉडल स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया मार्च में ही पूरी हो गई है। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक में संचालित राजकीय मॉडल स्कूल में पिछले साल भी विज्ञान संकाय में शिक्षकों के पद रिक्त थे। यही कारण है कि इस बार अनेक कक्षाओं में नए प्रवेश के लिए आवेदन भी अभ्यर्थियों की ओर से नहीं किए गए हैं। शिक्षक नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार को यदि सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम में विद्यार्थियों को शिक्षा देनी है तो शिक्षक उपलब्ध कराने होंगे। अन्यथा विद्यार्थियों का रुझान सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों से कम हो रहा है। जिले के मॉडल स्कूल में विज्ञान के 3, सेकंड ग्रेड का 1 पद खाली श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक में संचालित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल उपनदी में विज्ञान संकाय के चार व्याख्याताओं में से तीन पद वर्तमान में रिक्त चल रहे हैं। रिक्त पदों में रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान और गणित के व्याख्याता शामिल हैं। इसके अलावा वरिष्ठ अध्यापक विज्ञान विषय का पद भी खाली है। नॉन टीचिंग स्टाफ में लैब असिस्टेंट और लाइब्रेरियन का पद भी रिक्त है। “मॉडल स्कूलों में प्रतिनियुक्ति के लिए शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन लिए हुए तीन माह का समय हो गया है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द चयन प्रक्रिया शुरू करवाकर इन स्कूलों में शिक्षकों एवं अन्य वर्गों के कार्मिकों का पदस्थापन करना चाहिए जिससे विद्यार्थियों को इनका लाभ मिल सके।” -मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा “स्कूल से पास आउट विद्यार्थियों को पहली प्राथमिकता देते हुए 11वीं में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद रिक्त रही सीटों पर से शेष विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।” -सुभाष मीणा, प्रिंसिपल, विवेकानंद मॉडल स्कूल उपनी, श्रीडूंगरगढ़