पांचना बांध का पानी 20 साल बाद अब तीन जिलों के 450 से ज्यादा गांवों में समृद्धि की नई दिशा तय करने को तैयार है। पानी का फायदा तीनों पक्षों (कमांड, कैचमेंट और गंभीर नदी क्षेत्र) को मिलना शुरू होते ही खेत सोना उगलेंगे। नहरों से पानी मिलने पर ये दिन फिर आएंगे। अभी यहां के किसान सरसों और गेहूं बोते हैं। फिर नकदी फसलों की बुवाई की तरफ भी रूझान बढ़ेगा। गंगापुरसिटी और लालसोट की कृषि उपज मंडियां पास में ही है। गांवों से वहां तक की कनेक्टिविटी भी ठीक है। किसान मंडियों में अच्छे दामों पर अपनी उपज बेच सकेंगे। करौली जिले में पॉली हाउस लगने लगे हैं। बांध का पानी जिले में पॉली हाउस की संख्या बढ़ाने में मददगार हो सकता है। कैचमेंट के गांवों में लिफ्ट से पानी पहुंचाने की योजना बनी है। इन गांवों में अभी बाजरा ज्यादा होता है। लिफ्ट से पानी पहुंचने पर रबी में यहां भी गेहूं और सरसों की बुवाई का ट्रेंड बढ़ेगा। बांध का पानी जिन गांवों में पहुंचेगा, वहां अधिकांश पठारी क्षेत्र है। यहां पानी से भूजलस्तर भी बढ़ेगा। कमांड क्षेत्र में 11 एनीकट हैं। इनमें पानी का स्टोरेज होने पर यह भूमिगत जल का स्तर बढ़ाएगा। गंभीर नदी ढाय क्षेत्र के 360 गांवों में भी पानी का फायदा मिलना है। नदी के रास्ते जाने वाला पानी गांवों में जलस्तर बढ़ाएगा।