कोटा के मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में शिकार के लगाए गए फंदे में फंसकर मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शनिवार रात को मादा पैंथर फंदे में फंसी थी, जिससे बाहर निकलने के लिए वह रातभर संघर्ष करती रही। आखिरकार रविवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। विभाग ने मादा पैंथर का पोस्टमॉर्टम करवाया है। वन विभाग ने पूरे इलाके में पेट्रोलिंग और कॉम्बिंग बढ़ा दी गई है। मुख्य वन संरक्षक (CCF) सुगनाराम जाट ने बताया- मादा पैंथर की उम्र करीब 3-4 साल थी और बोराबास रेंज के बफर एरिया में उसका लगातार मूवमेंट रहता था। संभवतः किसी शिकारी ने जंगली सूअर या अन्य जानवरों को पकड़ने के लिए क्लच वायर या जीआई (GI) वायर का यह मजबूत फंदा लगा रखा था, जिसकी चपेट में यह पैंथर आ गई। सिटी एसपी ने देखा मादा पैंथर का शव CCF सुगनाराम जाट ने बताया- मादा पैंथर शनिवार रात को शिकारी के फंदे में फंस गई थी। उसने फंदे से बाहर निकलने की काफी कोशिश की होगी, लेकिन इसी जद्दोजहद में फंदा और टाइट हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 6 बजे कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम चंबल सफारी के लिए गई थीं। चंबल की कराइयों में उन्होंने पैंथर का शव देखा, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। पैर, छाती और गले में फंसा था क्लच वायर सुगनाराम जाट ने बताया- रविवार को प्रोटोकॉल के तहत मादा पैंथर का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। हालांकि, मौत के असली कारणों का पता रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा, लेकिन शुरुआती जांच में सामने आया है कि पैर, छाती और गले में फंदा फंसने और दम घुटने से पैंथर की मौत हुई है। मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक मुथु एस. ने बताया- मामले में अज्ञात शिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। यह शिकारी फंदा किसने लगाया था, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पेट्रोलिंग-कॉम्बिंग बढ़ा दी गई है। बता दें कि मुकंदरा में इस समय 100 से ज्यादा पैंथर हैं।