खैरथल-तिजारा जिले में राज्य सरकार के निर्देश पर कृषि आदान गुणवत्ता नियंत्रण और खरीफ उर्वरक डायवर्सन अभियान के तहत 13 और 14 अप्रैल को बड़ी कार्रवाई की गई। राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने मुंडावर और भिवाड़ी क्षेत्रों में सघन निरीक्षण कर कई अनियमितताओं का खुलासा किया। मुंडावर क्षेत्र में पंसारी खाद बीज भंडार और जय बाबा मनीराम खाद बीज भंडार, हटूंडी का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान रिकॉर्ड और स्टॉक में गड़बड़ियां सामने आईं। इस पर संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और उनके लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की सिफारिश की गई है। भिवाड़ी की औद्योगिक इकाइयों पर भी कार्रवाई निरीक्षण अभियान के दूसरे चरण में टीम ने भिवाड़ी क्षेत्र की आठ औद्योगिक इकाइयों का दौरा किया। खुशखेड़ा स्थित ग्रीनोक्स ऑयल प्राइवेट लिमिटेड में जांच के दौरान 830 बैग यूरिया संदिग्ध हालत में पाए गए। अधिकारियों ने तुरंत इन बैगों के उपयोग और वितरण पर रोक लगा दी। टीम ने मौके से नमूने लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उर्वरक का उपयोग नियमों के अनुसार हो रहा था या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित इकाई के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। 30 अप्रैल तक चलेगा अभियान इस संयुक्त टीम में सहायक निदेशक कृषि शंभू लाल सोनी, कृषि अधिकारी रामप्रकाश खंडेलवाल, कजोड़ मल, डॉ. राजेंद्र कुमार, पवन यादव, विष्णु चौधरी, पूरन यादव और मनीष अग्रवाल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को गुणवत्ता युक्त उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान 30 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस दौरान उर्वरकों के अवैध डायवर्सन और जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।