दीपावली और आगामी त्योहारों के समय जहां शहर को जगमगाने और चमकाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं कांग्रेसी पार्षदों का आरोप है कि निगम प्रशासन बोर्ड बनने के बाद कांग्रेसी पार्षदों से सफाईकर्मियों में भी भेदभाव कर रहा है। इसे लेकर कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है और वार्डों में सफाईकर्मी बढ़ाने की मांग की है। पार्षदों के अनुसार जिन वार्डों में चालीस लेबर की जरूरत है वहां आधे से कम में काम करवा रहे है। दीवाली को देखते हुए एक्ट्रा लेबर मिलनी थी लेकिन वह भी नहीं मिली। पार्षदों का आरोप है कि त्योहारों के मद्देनजर अतिरिक्त लेबर देने के निर्देश तो दिए गए लेकिन वार्डों में सफाईकर्मी नहीं मिले। जानें कांग्रेस के कुछ वार्डों के हालात
वार्ड 59 (पार्षद राहुल पुरूषवानी): वार्ड में 32 लेबर की जरूरत है। लेकिन हकीकत यह है कि इनमें से आधी लेबर ही काम पर आती है। यानी स्वीकृत क्षमता से भी आधे कर्मियों से जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। पार्षद का कहना है कि 24 तारीख से 7 तारीख के बीच त्योहारों के लिए हर वार्ड में 10-10 अतिरिक्त लेबर देने का वादा किया गया था, लेकिन वह भी हवा-हवाई साबित हुआ। अभी पंद्रह बीस लेबर से ही काम चला रहे हैं उसमें भी कई बार कोई लेबर नहीं आती। वार्ड 55 (पार्षद मनीष भारद्वाज): वार्ड की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से कम से कम 35 सफाईकर्मियों की सख्त जरूरत है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 20-22 लेबर काम पर आ रही है। वार्ड के राजीव गांधी इलाके में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है और कचरा उठाने के कोई माकूल इंतजाम नहीं हैं। प्राइवेट ठेकेदार यहां से हॉस्टलों से कचरा उठाता है और मनमर्जी रूपए लेता है। दीपावली पर दस सफाईकर्मी देने थे नहीं मिले। अब जो लेबर है उससे जैसे तैसे काम करवा रहे हैं। वार्ड 58 (पार्षद जोगेंद्र जॉन्टी): पार्षद के अनुसार वार्ड में चालीस सफाईकर्मी होने जरूरी है। एरिया बड़ा है। लेकिन अभी 27 लेबर से काम चला रहे हैं। इनमें भी 4 कर्मचारी लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं और केवल 23 के भरोसे काम खिंच रहा है। बड़े वार्ड की जरूरतों को देखते हुए कम से कम 40 सफाई कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। अगर नियमित कर्मचारी कम दिए जा रहे हैं, तो उसकी जगह कच्ची लेबर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अलावा वार्ड के विस्तार को देखते हुए अब एक की जगह दो जमादारों की सख्त जरूरत है। वार्ड 60 (पार्षद तरन्नुम): वार्ड की आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से कम से कम 40 से अधिक लेबर की जरूरत है, लेकिन वार्ड में सिर्फ करीब 25 लेबर ही काम कर रही है। उसमें भी कई तो आते ही नहीं है। कम कर्मचारियों के कारण वार्ड के कई हिस्सों में कई दिन में सफाई का नंबर आ रहा है। अधिकारियों व ठेकेदारों की सांठगांठ से पनपा भ्रष्टाचार
पार्षदों ने आरोप लगाया कि लेबर की फर्जी उपस्थिति दर्ज कराकर हर महीने लाखों रुपये का भुगतान उठाया जा रहा है, जबकि धरातल पर लेबर का नामोनिशान नहीं है। इस खेल में ठेकेदार, निगम कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह लिप्त हैं। पार्षदों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उग्र आंदोलन की चेतावनी
सफाई व्यवस्था में तुरंत सुधार करने, प्रत्येक वार्ड में जरूरत के अनुसार पूर्ण लेबर उपलब्ध कराने और फर्जीवाड़े में शामिल ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर पार्षदों ने मांग की है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे वार्डवासियों के साथ मिलकर नगर निगम के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे।