नागौर में छुट्टी पर घर आए सेना के जवान भगवाना राम बिश्नोई की दोपहर 1:30 बजे अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे मणिपुर में तैनात थे और 9 जुलाई को एक महीने की रूटीन छुट्टी लेकर घर आए थे। छुट्टी के 19वें दिन शनिवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत जवाहरलाल नेहरू जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। भगवाना राम के अचानक चले जाने से परिवार को गहरा सदमा लगा। जवान के निधन की सूचना मिलने के बाद उनके पार्थिव शरीर को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। तिरंगे में लिपटे बेटे की पार्थिव देह सामने देखते ही मां खुद को संभाल नहीं पाईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। रविवार सुबह 10 बजे सेना के साथी जवान नागौर पहुंचे। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को संजय कॉलोनी स्थित घर लाया गया, जहां अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। शहरवासियों और परिचितों ने पहुंचकर जवान को श्रद्धांजलि दी। फोटोज में देखें… मणिपुर में तैनात थे, 9 अगस्त को लौटना था ड्यूटी पर संजय कॉलोनी निवासी गुलाब राम झाकड़ ने बताया कि सेना के जवान भगवाना राम 9 जुलाई को एक महीने की रूटीन छुट्टी लेकर नागौर स्थित अपने घर आए थे। शनिवार शाम छुट्टी के 19वें दिन अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। इसके बाद वे उनको तेज चक्कर आए और बेहोश होकर गिर गए। परिजन उन्हें तुरंत जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार भगवाना राम की मौत हार्ट अटैक से हुई है। भगवाना राम लंबे समय से मणिपुर में सेना में सेवाएं दे रहे थे। एक महीने की छुट्टी पूरी होने के बाद उन्हें 9 अगस्त को वापस मणिपुर ड्यूटी पर लौटना था। हालांकि ड्यूटी पर लौटने से पहले ही शनिवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। जवान के निधन की सूचना के बाद उनके पार्थिव शरीर को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आए भगवाना राम के अचानक निधन से परिवार में मातम छा गया। सेना के साथी जवान पहुंचे नागौर भगवाना राम के निधन की सूचना मिलने के बाद रविवार सुबह सेना के उनके साथी जवान नागौर पहुंचे। उन्होंने दिवंगत जवान के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक सलामी देकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को संजय कॉलोनी स्थित उनके घर लाया गया। घर पर पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। परिवार, रिश्तेदार, परिचित और शहर के लोग वहां पहुंचे और जवान को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव अलाय ले जाया गया, जहां सेना के जवानों और ग्रामीणों की मौजूदगी में गार्ड ऑफ ऑनर और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे लोग, बच्चों ने लगाए नारे संजय कॉलोनी स्थित घर पर भगवाना राम के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए शहरवासी, रिश्तेदार, परिचित और बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने जवान को श्रद्धांजलि दी और परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, भगवाना राम का नाम रहेगा’, ‘जय हिंद’, ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाए। बच्चों और लोगों ने तिरंगा लहराकर जवान को अंतिम सम्मान दिया। पत्नी और दो नाबालिग बच्चों को छोड़ गए भगवाना राम के परिवार में उनकी पत्नी और दो नाबालिग बच्चे हैं। उनकी 14 साल की बेटी और 6 साल का बेटा है। उनका पैतृक गांव अलाय नागौर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। उनके माता-पिता, पत्नी और दोनों बच्चे नागौर की संजय कॉलोनी में रहते हैं।