रालोपा नेता और पूर्व खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल का कहना है कि अधिकारी हमेशा बड़े लोगों का साथ देते हैं। कल को अगर मेरा बेटा भी कलेक्टर-एसपी बन जाए तो हमारी भावना अलग, उसकी भावना अलग होगी। हो सकता है कि कहीं सड़क पर उससे टकराव हो जाए, कोई बड़ी बात नहीं। नारायण बेनीवाल ने अंबुजा सीमेंट के खिलाफ मूंडवा में चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान यह बात कही। सभा के बाद नारायण बेनीवाल के आह्वान पर मूंडवा से किसान कलेक्ट्रेट के लिए ट्रैक्टर पर रवाना हुए। किसान अंबुजा सीमेंट कंपनी के खिलाफ आंदोलनरत हैं। हालांकि बुधवार शाम 4 बजे मूंडवा से रवाना हुए ट्रैक्टरों को कलेक्ट्रेट से एक किलोमीटर पहले पशु प्रदर्शनी स्थल पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद किसान पैदल ही कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन को लीड कर रहे RLP नेता नारायण बेनीवाल ने बताया कि लंबे समय से किसान और कंपनी के बीच जमीन अधिग्रहण, मुआवजे और प्रदूषण के मुद्दे हैं। प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है, इसलिए आज ट्रैक्टर लेकर किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। मांगे नहीं मानी तो बड़ा आंदोलन किसानों ने कलेक्ट्रेट में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। फिर एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखी। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद नारायण बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में लिखी हमारी मांगों को नहीं माना गया तो तो सांसद बेनीवाल के लौटते ही हम एक बड़ा आंदोलन करेंगे। 7 थानों की पुलिस, RAC जवान तैनात शाम 4 बजे बैनर-तख्तियां लेकर लोग ट्रैक्टरों से मूंडवा चौराहे पर जुटे। वहां से नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टरों का कारवां नागौर शहर के लिए रवाना हुआ। शाम 4.30 बजे के करीब ट्रैक्टर पशु प्रदर्शनी स्थल पहुंचे तो यहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोक दिया। वाहन यहीं छोड़कर किसान जुलूस के रूप में शाम 5.10 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। मूंडवा चौराहे से कलेक्ट्रेट तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कलेक्ट्रेट के आस-पास 7 थानों की पुलिस और आरएएसी के जवान तैनात किए गए। सीमेंट कंपनी से क्यों नाराज हैं किसान? जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और प्रदूषण से जुड़ी समस्याओ को लेकर मूंडवा के किसान लंबे समय से नाराज हैं। उनका कहना है कि वे मांगों को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।