नागौर में 27 अप्रैल को गो सम्मान अभियान के तहत पशु प्रदर्शनी स्थल पर गोभक्तों और संतों का जमावड़ा होगा। अभियान की रूपरेखा विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय में बैठक में तय की गई और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अभियान के तहत गो हत्या निषेध कानून पुरे देश में लागु करने और गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए मांग को लेकर जिले भर से 51 हजार साइन जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 25 हजार साइन हो चुके हैं। चार चरणों में चलेगा अभियान महामंडलेश्वर कुशाल गिरी महाराज ने बताया कि अभियान चार चरणों में संचालित होगा। यह पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसमें धरना या भाषण नहीं होंगे। संतों, गोभक्तों और आमजन के सहयोग से कार्यक्रम आगे बढ़ाया जाएगा। योजना के तहत उपखंड मुख्यालयों से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 51 हजार साइन का लक्ष्य कामधेनु के निदेशक दौलत राम सारण ने बताया कि जिले में 51 हजार साइन जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक तहसील स्तर पर 25 हजार से ज्यादा साइन पूरे हो चुके हैं। आगे सरकार के निर्णय के बाद अगले चरण में जिला मुख्यालयों पर भी प्रक्रिया दोहराई जाएगी। वृंदावन में लिया गया निर्णय दौलत राम सारण के अनुसार देश के संतों ने वृंदावन में बैठक कर निर्णय लिया था कि 27 अप्रैल को देश की सभी तहसीलों में गोभक्त प्रार्थना पत्र देंगे। इसी निर्णय के तहत नागौर में भी अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी समर्थन ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित बैठकों में भी इस अभियान को समर्थन मिल रहा है और लोगों से भागीदारी की अपील की जा रही है। बैठक में कई लोग रहे मौजूद विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय में महामंडलेश्वर कुशाल गिरी महाराज के निर्देशन में हुई बैठक में नागौर तहसील के कई गो-प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी से 27 अप्रैल को अभियान में शामिल होने की अपील की गई।