नागौर शहर इन दिनों धींगा गवर उत्सव के रंग में रंगा हुआ है, जहां श्रीमाली और पुष्करणा समाज सहित विभिन्न वर्गों की महिलाएं बडी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर रही हैं। पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस पारंपरिक अनुष्ठान के तहत महिलाएं व्रत रखकर प्रतिदिन सुबह से शाम तक गवर माता की सेवा में जुटी हैं। इसी क्रम में तेलीवाड़ा स्थित कल्ला सदन में आयोजित पूजा के तेरहवें दिन हल्दी कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर पुष्पवर्षा के साथ माता का पूजन किया। उत्सव के दौरान ब्रह्मपुरी, नाईवाड़ा और राठौड़ी कुंआ जैसे क्षेत्रों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ देर रात तक गवर गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। आगामी 4 अप्रैल को प्रताप सागर से जल लाने के लिए गाजे-बाजे के साथ लोटियों का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 5 अप्रैल को महिलाएं विभिन्न प्रकार के स्वांग रचकर शहर में भ्रमण करेंगी, जिसके साथ ही इस सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव का समापन होगा। मेहंदी और रातीजोगा जैसे कार्यक्रमों को लेकर भी महिलाओं में भारी उत्साह बना हुआ है।